अपराध पर लगाम के साथ- साथ पीड़ित को न्याय दिलाना पहली प्राथमिकता: नवागत एसपी सिन्हा
संभाग में पहली बार पोस्टिंग पर आए एसपी सिन्हा बोले, मैं टीम वर्क में विश्वास करता हूं

सागर। जिले के नवागत पुलिस अधीक्षक एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने पदभार संभाल लिया है। शनिवार दोपहर उन्होंने आईजी इरशाद वली से औपचारिक मुलाकात की। अपनी कार्यशैली और प्राथमिकताओं को लेकर बातचीत में एसपी सिन्हा ने साफ कर दिया कि वे ‘टीम वर्क’ में विश्वास रखते हैं और अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पीड़ित को न्याय दिलाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। मैदान पर क्रिकेट-बैडमिंटन के शॉट्स खेलने के शौकीन आईपीएस सिन्हा को बागवानी व ट्रैवलिंग में भी गहरी रुचि है। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग में अनुशासन और सामूहिक प्रयास से हर बड़ी चुनौती पर पार पाया जा सकता है।
सागर संभाग में पहली बार पदस्थ हुए एसपी सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वे यहां की भौगोलिक स्थिति, कानून-व्यवस्था और हालिया संवदेनशील मामलों जैसे जहरीली शराब प्रकरण और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्हें अपने अधीनस्थ अमले से पूर्ण सहयोग की पूरी उम्मीद है, जिससे वे जिले में कानून का राज और मजबूत कर सकें। पुलिसिंग के बदलते स्वरूप पर खुलकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब पुलिस की जवाबदेही सिर्फ अपराध रोकना और अपराधी को पकड़ना भर नहीं है, बल्कि पीड़ित को संबंधित न्यायालय से सही समय पर न्याय दिलाना भी हमारी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। उनका पूरा फोकस इन तीनों मोर्चों पर समान रूप से रहेगा।
बिहार के गया जिले में जन्मे संजीव कुमार सिन्हा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी किया है। उनके प्रशासनिक करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में अविभाजित मध्य प्रदेश के बिलासपुर जिले से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने विदिशा, नागदा और इंदौर में सीएसपी व एसडीओपी के रूप में लंबी सेवाएं दीं। रीवा-सिंगरौली में एडिशनल एसपी और ग्वालियर में एडिशनल एसपी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ वे दक्षिण अफ्रीकी देश लाइबेरिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। डिंडोरी और गुना जिलों में पुलिस कप्तान के रूप में कार्यकाल के बाद अब वे सागर में अपनी सेवाएं देने पहुंचे हैं।
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