त्योहार से पहले सागर में सक्रिय हुआ नकली नोटों का गिरोह, शराब दुकान पर मिले एक ही सीरीज के नोट

सागर। दीपावली नजदीक आते ही सागर में नकली नोटों का काला कारोबार सक्रिय हो गया है। झांसी बस स्टैंड स्थित लाइसेंसी शराब दुकान पर 500 रुपये के तीन ऐसे नकली नोट बरामद हुए हैं, जिन पर भारतीय रिजर्व बैंक का एक ही सीरीज नंबर प्रिंट है। इन नोटों की बनावट और कागज की गुणवत्ता देखकर पहली नजर में ही इनके नकली होने की पुष्टि हो जाती है। चर्चा है कि इस गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से शराब दुकानें और रेडीमेड गारमेंट्स के काउंटर हैं, जहां त्योहार की भारी भीड़ का फायदा उठाकर जाली नोट खपाए जा रहे हैं। ताजा मामले में खुलासा तब हुआ जब शराब ठेकेदार के कार्यालय में कैश मिलान के दौरान एक जाली नोट पकड़ में आया। इसके बाद सतर्क हुए सेल्समैन ने बुधवार और गुरुवार को चेकिंग के दौरान दो अन्य लोगों को भी बिल्कुल उसी सीरीज नंबर के नोट चलाते हुए दबोच लिया। कैंट पुलिस ने गुरुवार रात करीब 11 बजे दुकान पर नोट खपाने की कोशिश कर रहे एक युवक से पूछताछ कर रही है। पकड़े गए युवक का कहना है कि उसके पिता सब्जी का ठेला लगाते हैं और यह नोट उनके पास कहां से आया, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है।
इन 500 रुपये के जाली नोटों से महज 100 से 125 रुपये की शराब खरीदने का प्रयास किया जा रहा था, जो इस बात का संकेत है कि गिरोह छोटे लेनदेन के जरिए असली नोट बना रहा है। इधर लगातार एक ही दुकान पर ऐसे नोटों का पहुंचना इस बात का संकेत है कि इस अवैध नेटवर्क का सरगना कैंट थाना क्षेत्र या रेलवे स्टेशन के आसपास सक्रिय है। छोटी राशि होने के कारण अमूमन दुकानदार पुलिस झंझट से बचने के लिए शिकायत दर्ज नहीं कराते हैं, इसलिए अन्य मामले सामने नहीं आए हैं।
बहरहाल नकली नोटों के इस कारोबार के बीच यह बेहद जरूरी है कि आम नागरिक और व्यापारी लेनदेन के दौरान सतर्क रहें।
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, असली नोट की पहचान उसके महात्मा गांधी के चित्र, इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क, रंग बदलने वाले सुरक्षा धागे और देवनागरी लिपि में मुद्रित मूल्य से की जा सकती है। असली नोट का कागज विशेष कॉटन आधारित और खुरदरा होता है, जबकि नकली नोट का कागज चिकना या सामान्य प्रिंटिंग पेपर जैसा महसूस होता है। यदि आपके हाथ में कोई संदिग्ध या नकली नोट आता है, तो उसे आगे के लेन-देन में बिल्कुल न चलाएं, क्योंकि ऐसा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या बैंक शाखा को इसकी सूचना दें और बैंक प्रबंधक को नकली नोट सौंपकर रसीद प्राप्त करें। साथ ही, नोट देने वाले व्यक्ति का हुलिया और घटना का विवरण याद रखें ताकि जांच एजेंसियों को तस्करों तक पहुंचने में मदद मिल सके। भारतीय कानून के तहत जाली नोट रखना, चलाना या उनका भंडारण करना अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए भी कि नोट नकली है, उसे बाजार में चलाता है, तो उसे 7 से 10 वर्ष तक का कठोर कारावास और आर्थिक जुर्माना हो सकता है। वहीं, जाली नोटों के निर्माण, छपाई या तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
9425172417….22/10/2026



