क्रिप्टो करंसी समेत युवक को पकड़ा, वैल्यु का खुलासा नहीं, आईटी अफसर कर रहे पूछताछ
शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र से मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पकड़ा

सागर। शहर के कोतवाली थाने की पुलिस ने लक्ष्मीपुरा वार्ड निवासी युवक सुयश सोनी (22) को पकड़ा है। आरोप है कि वह स्थानीय स्तर पर अपने ई-वॉलेट से लोगों को रुपए के बदले क्रिप्टो करंसी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा था। जानकारी के अनुसार सुयश, कोतवाली पुलिस के रडार पर काफी समय से था। शनिवार शाम को जैसे ही मुखबिर तंत्र से पुलिस को सुयश द्वारा किसी व्यक्ति को क्रिप्टो उपलब्ध कराए जाने की सूचना मिली तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। शुरुआती पूछताछ में यह युवक इस तरह के किसी भी कारोबार में लिप्त होने से इन्कार करता रहा। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती बरती तो उसने अपने मोबाइल पर एक एप ओपन किया, जिससे शुरुआती तौर पर पुष्टि हुई कि सुयश बगैर किसी वैधानिक अनुमति के क्रिप्टो एक्सचेंज का काम कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने जबलपुर स्थित इनकम टैक्स की इन्वेस्टिगेशन विंग को मेल किया, जिसके बाद रविवार शाम को विंग के चार अधिकारी कोतवाली पहुंच गए और युवक से पूछताछ की। इस मामले को लेकर थाना प्रभारी मनीष सिंघल का कहना है कि सुयश नाम के एक युवक को क्रिप्टो करंसी के अवैध कारोबार के संदेह में पकड़ा है और इनकम टैक्स के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। उनके हवाले से पूरे मामले की पुष्टि होने के बाद विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
भारत में क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) के विनिमय व लेनदेन को लेकर बेहद सख्त वित्तीय और कर संबंधी प्रावधान लागू हैं। हालांकि देश में क्रिप्टोकरेंसी रखने या खरीदने पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की लीगल टेंडर (वैधानिक मुद्रा) की मान्यता प्राप्त नहीं है। बिना वैधानिक अनुमति, केवाईसी मानकों के उल्लंघन और स्थानीय वित्तीय खुफिया इकाइयों ( या विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के नियमों को ताक पर रखकर इस तरह का स्थानीय नेक्सस या पीटूपी एक्सचेंज चलाना पूरी तरह से अवैध और मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है। ऐसे अनधिकृत नेटवर्क अक्सर कर चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और हवाला जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े होते हैं। बात करें यदि वर्तमान बाजार कीमत की, तो दुनिया की सबसे प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की भारतीय रुपए में कीमत लगभग 76 लाख से 77 लाख रुपए के आसपास चल रही है, जिसके चलते इस प्रकार के अवैध और अनधिकृत ट्रेडर्स भारी मात्रा में काले धन को सफेद करने या टैक्स चोरी के मामलों में सक्रिय रहते हैं। भारतीय आयकर कानूनों के तहत ऐसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत का भारी टैक्स और हर लेनदेन पर 1 प्रतिशत टीडीएस का प्रावधान है, और इस तरह के अवैध चैनलों के जरिए बिना टैक्स चुकाए क्रिप्टो का कारोबार करने वालों पर केंद्रीय एजेंसियां लगातार कड़ी नजर रखती हैं।
– 9425172417…..18/10/2026



