बॉलीवुड स्टार जितेंद्र भी सागर में अवैध शराब के गंदे खेल को जानकर हो गए थे स्तब्ध
मुंबई के नामचीन सितारों के पुजारी ने खोली खाकी और खादी के गठजोड़ की पोल

सागर। जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब कांड के बाद आबकारी महकमे की अकर्मण्यता और खाकी-खादी का नापाक गठजोड़ पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। गांव-गांव में अवैध और जहरीली शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। बंडा विधानसभा क्षेत्र की शाहगढ़ तहसील के बरायठा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अदावन का मामला इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है, जहां पुलिस-प्रशासन की अकर्मण्यता साफ नजर आई है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सागर जिले के इस अवैध शराब के काले धंधे की खबर बॉलीवुड के ख्यात अभिनेता जितेंद्र तक पहुंच चुकी है।वे भी मध्य प्रदेश पुलिस तथा प्रशासन की इस नाकामी से स्तब्ध हैं। दरअसल ग्राम अदावन निवासी बृजेश महाराज, जो अभिनेता जितेंद्र के पारिवारिक पुजारी हैं और जिनकी पुत्री की कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स की फिल्मों या सीरियलों के मुहूर्त की पूजा बृजेश महाराज ही संपन्न कराते हैं, इस खाकी-खादी के नापाक गठजोड़ का सीधा शिकार हुए हैं। बृजेश महाराज केवल जितेंद्र ही नहीं, बल्कि अनिल कपूर, चंकी पांडे, रानी मुखर्जी, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और साजिद जैसे बड़े सितारों के घर भी श्री गणेश व दुर्गा प्रतिमा स्थापना जैसे धार्मिक अनुष्ठान कराते हैं।
वर्ष में 8 से 10 महीने मुंबई में रहने वाले बृजेश महाराज को जब कुछ माह पहले उनकी मां ने बताया कि उनके घर के ठीक बाजू में रहने वाली महिला लल्ला बाई लोधी और उसका परिवार खुलेआम अवैध शराब का अड्डा चला रहा है, तो उन्होंने एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाया। वे मुंबई से सागर आए और 31 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी के नाम आवेदन सौंपा। इससे पहले वे बरायठा थाने में भी लिखित शिकायत कर चुके थे। लेकिन भ्रष्ट तंत्र और आबकारी विभाग की गहरी नींद का आलम यह रहा कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय, उल्टे शिकायतकर्ता बृजेश महाराज पर ही लल्ला बाई और उसके पति किशोरी लोधी की शह पर एससी-एसटी एक्ट का झूठा मामला दर्ज करवा दिया गया। कानूनी दांव-पेच और पुलिसिया उत्पीड़न झेलकर जब बृजेश महाराज को बमुश्किल जमानत मिली और वे वापस मुंबई पहुंचे, तो उनकी परेशानी देख बॉलीवुड स्टार जितेंद्र ने इसका सबब पूछा। जब बृजेश ने बताया कि उनके गांव में घर के बगल में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है, जिससे उनके बुजुर्ग माता-पिता का जीना दूभर हो गया है। पुलिस व आबकारी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है, तो अभिनेता जितेंद्र यह जानकर काफी दुखी हुए। उन्होंने बृजेश को ढांढस बंधाते हुए अपने राजनीतिक संपर्कों के जरिए मदद की कोशिश करने का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन इस बीच बंडा में यह भयानक शराब कांड घटित हो गया।
बृजेश महाराज का साफ आरोप है कि इस अवैध शराब बिक्री में केवल संवेदनहीन पुलिस ही शामिल नहीं है, बल्कि सत्ताधारी भाजपा के छुटभैया नेता तक इसमें गहराई से संलिप्त हैं।
सिस्टम के भ्रष्टाचार की हद तो तब पार हो गई जब बृजेश महाराज ने अवैध शराब बिक्री के पुख्ता सबूत के तौर पर जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराए थे, वे फुटेज पुलिस महकमे के भीतर से ही शराब माफियाओं तक पहुंचा दिए गए। नतीजतन, बेखौफ शराब माफिया ने बृजेश के घर लगे सीसीटीवी कैमरे ही तोड़ डाले। जब भी बृजेश महाराज किसी आला पुलिस अफसर के पास शिकायत लेकर पहुंचे, तो पुलिस अधिकारी यह तर्क देकर पल्ला झाड़ते रहे कि उनका अभियान “नशे से दूरी है जरूरी” केवल गांजा, ड्रग्स, नशीली दवाइयों और चरस के खिलाफ है, और इसमें अवैध शराब पर कार्रवाई का कोई रोल नहीं है। पुलिस का यह अटपटा तर्क आबकारी और खाकी की मिलीभगत को साफ उजागर करता है। हताश और निराश बृजेश महाराज खुद को इस अकर्मण्य व्यवस्था का सबसे बड़ा शिकार मानते हैं।
वे अपने मोबाइल पर विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र लंबरदार को ईवीएम पर वोट देने की तस्वीर दिखाते हुए बताते हैं कि वे इकलौते ऐसे शख्स थे जो विशेष रूप से हवाई जहाज का टिकट कटाकर भाजपा प्रत्याशी को वोट देने आए थे। चुनाव जीतने के बाद जब वे विधायक बने लंबरदार के पास अपने गांव में जारी अवैध शराब के इस गंदे कारोबार की शिकायत लेकर पहुंचे, तो जनप्रतिनिधि ने भी जनता के दर्द को दरकिनार करते हुए बड़े ही औपचारिक अंदाज में बात सुनी और उन्हें चलता कर दिया।
….9425172417…07/09/2026



