जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव: भाजपाई गढ़ में कांग्रेसी खेमे से अन्नी अध्यक्ष और जितेन्द्र सचिव चुने गए
एड. अंकलेश्वर दुबे ने करीबी मुकाबले में भाजपा नेता एड. संजय द्विवेदी को 8 वोट से हराया, चुनाव परिणाम से भाजपा के सियासी रसूख पर उठे सवाल

सागर। जिला अधिवक्ता संघ सागर के द्विवार्षिक चुनाव 2026-28 में शनिवार को मतगणना संपन्न हो गई। अध्यक्ष पद पर एडवोकेट अंकलेश्वर अन्नी दुबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा के पूर्व प्रवक्ता संजय द्विवेदी को 8 मतों से हराकर जीत दर्ज की। दुबे पांचवीं बार चुनाव मैदान में उतरे थे और यह उनकी चौथी जीत है। हालांकि उपाध्यक्ष पुरुष पद का परिणाम अभी विवाद के चलते रोक दिया गया है। इस पद पर उत्कर्ष श्रीवास्तव और निशीथ उपाध्याय के बीच मुकाबला रहा। रिकाउंटिंग को लेकर विवाद के बाद अंतिम निर्णय सोमवार को होने की बात कही गई है।
अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित होने के बाद संजय द्विवेदी ने रिकाउंटिंग के लिए आवेदन दिया था। निर्वाचन अधिकारी केपी दुबे ने उनसे दोबारा मतगणना का कारण पूछा, लेकिन वैध आधार नहीं बताए जाने पर आवेदन निरस्त कर दिया। इसके बाद अंकलेश्वर दुबे को विजेता घोषित किया गया। रिकाउंटिंग को लेकर विजेता के भाई और अधिवक्ता बृजेश्वर उर्फ बबलू दुबे की निर्वाचन अधिकारी से बहस भी हुई।
चुनाव परिणामों में उपाध्यक्ष महिला पद पर रश्मि तनेजा ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 800 मत हासिल किए और महजबीन अली को शिकस्त दी। सचिव पद पर जितेंद्र लखन राठौर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी दुष्यंत मिश्रा को 164 मतों से हराया। सह-सचिव पुरुष पद पर अरविंद नेमा की एकतरफा जीत रही। वहीं सह-सचिव महिला पद पर एनी गोस्वामी ने करीबी मुकाबले में नीलम पटेल को 107 मत अधिक लेकर पराजित किया।
कोषाध्यक्ष पद पर आरती जैन 732 मत लेकर निर्वाचित हुईं। सह-कोषाध्यक्ष उमाशंकर विनोदे ने 458 मत हासिल कर जीत दर्ज की। पुस्तकालय अध्यक्ष पद पर अमित मिश्रा को 526 मत मिले। महिला कार्यकारिणी में सुमिता विश्वे और पुरुष कार्यकारिणी में आकाश उपाध्याय, करन जैन, रजत बोहर और सुदर्शन तिवारी विजयी रहे।
चुनाव नतीजों ने बदला अधिवक्ता संघ का सियासी समीकरण
इस चुनाव का सबसे चर्चित पहलू परिणामों में कांग्रेस विचारधारा से जुड़े अधिवक्ताओं का मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। अध्यक्ष निर्वाचित हुए एडवोकेट अंकलेश्वर अन्नी दुबे कांग्रेस नेता हैं। वहीं सचिव जितेंद्र लखन राठौर भी कांग्रेस खेमे से जुड़े माने जाते हैं। वर्ष 2019-20 में प्रदेश की अल्पकालीन कांग्रेस सरकार के दौरान राठौर को अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक बनाया गया था।
इसके उलट पिछले चुनाव में पूर्व गृहमंत्री और खुरई से वरिष्ठ विधायक भूपेंद्र सिंह के खेमे के एडवोकेट जितेंद्र सिंह गंभीरिया अध्यक्ष और वीरेंद्र सिंह राजपूत सचिव निर्वाचित हुए थे। इस बार तस्वीर बदल गई। एक मंत्री समेत जिले के भाजपा विधायकों के राजनीतिक रसूख के बावजूद भाजपा के पूर्व प्रवक्ता संजय द्विवेदी अध्यक्ष पद की दौड़ में अंकलेश्वर दुबे से पिछड़ गए।
जिला न्यायालय परिसर में चुनाव परिणामों के बाद अधिवक्ताओं के बीच यह चर्चा भी सुनाई दी कि सागर में भाजपा नेताओं का वह प्रभाव अब नजर नहीं आ रहा, जिसके आधार पर उनके समर्थित प्रत्याशी को अधिवक्ताओं का समर्थन मिल सके। इसे भाजपा के स्थानीय नेतृत्व में समन्वय की कमी और संगठनात्मक पकड़ कमजोर होने के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। खास बात यह है कि सरकार ने भाजपा विचारधारा से जुड़े करीब आधा दर्जन अधिवक्ताओं को अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक जैसे महत्वपूर्ण दायित्व दिए हैं। इसके बावजूद चुनाव में भाजपा खेमे के प्रत्याशी को अपेक्षित बढ़त नहीं मिल सकी।
अन्नी बोले, जीत को पार्टी के चश्मे से देखना ठीक नहीं
जीत के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकलेश्वर अन्नी दुबे ने कहा कि उनकी विजय को केवल पार्टी के चश्मे से देखना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा विचारधारा से जुड़े कई अधिवक्ता साथियों ने भी उनका खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में अधिवक्ताओं के लिए उपचार सहायता की विशेष योजना बनाने को प्रमुख बताया।
ये रहे अंतिम परिणाम
अध्यक्ष—अंकलेश्वर अन्नी दुबे (573), निकटतम प्रतिद्वंद्वी संजय द्विवेदी से 8 मत से जीत।
उपाध्यक्ष महिला—रश्मि तनेजा (800)।
उपाध्यक्ष पुरुष—उत्कर्ष श्रीवास्तव और निशीथ उपाध्याय के बीच परिणाम विवादित, फैसला सोमवार को।
सचिव—जितेंद्र लखन राठौर (476), दुष्यंत मिश्रा से 164 मत से जीत।
सह-सचिव पुरुष—अरविंद नेमा (565)।
सह-सचिव महिला—एनी गोस्वामी (561), नीलम पटेल से 107 मत अधिक।
कोषाध्यक्ष—आरती जैन (732)।
सह-कोषाध्यक्ष—उमाशंकर विनोदे (458)।
पुस्तकालय अध्यक्ष—अमित मिश्रा (526)।
सागरवाणी..9425172417



