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बंडा जहरीली शराब कांड: 30 दिन से चार दुकानें बंद, आबकारी को रोज डेढ़ लाख रु.का नुकसान!

आबकारी विभाग खुद दुकान संचालित करने से बच रहा

सागर। बंडा में 6 सितंबर को हुए भयावह जहरीली शराब कांड को एक महीना हो गया है। इस कांड में आबकारी विभाग ने बहरोल दुकान समूह और बरेठी शराब दुकान के लाइसेंस तो निरस्त कर दिए गए, लेकिन उनके संचालन से हाथ खींच लिए। बहाना बनाया कि यहां का माहौल अनुकूल नहीं है। जबकि आबकारी शाखा ( कलेक्टर) सागर के इस रुख से शासन को रोजाना डेढ़ लाख रु. से अधिक का वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।जिसके को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि लाइसेंस निरस्त होने के तुरंत बाद इन दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी आबकारी विभाग को खुद संभालनी चाहिए थी, परंतु ऐसा न होने से सील पड़ी दुकानों के कारण 30 दिनों से अधिक की लाइसेंस फीस का घाटा हो चुका है। इधर जिला सहायक आयुक्त आबकारी वंदना पांडेय का तर्क है कि इलाके में अनुकूल माहौल न होने के कारण दुकानों को बंद रखा गया और इस नुकसान की भरपाई पूर्व ठेकेदारों से की जाएगी। जबकि आबकारी के जानकारों का मानना है कि निरस्त लाइसेंसधारियों से इस राशि की वसूली बेहद कठिन है और यह मामला कोर्ट की भेंट चढ़ सकता है, ठीक वैसे ही जैसे कोरोना काल में पूरे जिले के एकल समूह ठेके के करीब 80 से 90 करोड़ रुपये शासन आज तक वसूल नहीं कर पाया है। दूसरी ओर राजस्व की इस चपत के बीच शासन को बंद दुकानों का नया खरीदार ढूंढने में भी बड़ी वित्तीय गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। उदाहरण के लिए आबकारी विभाग ने बहरोल दुकान समूह के लिए शेष वित्त वर्ष यानी 31 मार्च तक के लिए 5.56 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया था, लेकिन तीन चरणों की प्रक्रिया के बाद भी अधिकतम बोली सिर्फ 3.53 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सकी। आरक्षित मूल्य से करीब 2 करोड़ रुपये कम की बोली लगने के कारण प्रकरण को अंतिम निर्णय के लिए आबकारी आयुक्त ग्वालियर दीपक सक्सेना के कार्यालय भेजा गया है। यह बोली बंडा समूह के ठेकेदार जंडेलसिंह गुर्जर ने लगाई है। ठीक यही स्थिति बरेठी एकल दुकान की भी है, जहां 1.11 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य के मुकाबले मात्र 80 लाख रुपये की ही बोली आ सकी है। यहां बता दें कि जहरीली शराब कांड मामले में बहरोल ग्रुप के ठेकेदार सिद्वार्थ कुशवाहा को सह- आरोपी बनाया गया है। इसी के चलते लाइसेंस निरस्त कर दिय गया। जबकि बरेठी शराब दुकान का ठेकेदार मनीष लोधी इस भयावह कांड के मुख्य आरोपियों में से एक है। पुलिस पिछले दिनों उसका शार्ट एन्काउंटर कर गिरफ्तार किया था।

08/10/2026……9425172417

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