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2500 क्वार्टर जहरीली शराब में से 1700 गायब: पुलिस का दावा- नष्ट कर दी, पर बड़ा सवाल—क्या बंडा में अभी भी मंडरा रहा है मौत का साया?

पुलिस के प्रेस नोट में भी बड़े झोल, दो आरोपी एक बताए तो एफआईआर में दर्ज बंबईया व्हिस्की का नाम गायब किया!

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सागर आगमन से महज कुछ घंटे पहले बंडा जहरीली शराब कांड में हड़बड़ी में बुलाई गई पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस दावों से ज्यादा अपने ही बयानों के झोलझाल को लेकर घेरे में है। ललितपुर के 20 हजार के इनामी अंतरराज्यीय तस्कर रवि लखेरा से मिले विषैले फार्मूले और बेस मटेरियल से बंडा इलाके में मौत का सामान तैयार करने का खुलासा करते हुए एसपी सुजानिया ने बताया कि कुल 443 लीटर जहरीली शराब के घोल से सागर गोल्ड ब्रांड नाम से 50 पेटी यानी 2,500 क्वार्टर नकली शराब तैयार की गई थी। हालांकि, पुलिस की पूरी मुस्तैदी के बावजूद मौके से महज 148 लीटर यानी 16 पेटी (800 क्वार्टर) शराब ही बरामद हो सकी। इस कार्रवाई के बीच सबसे खौफनाक और बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर शेष बची 295 लीटर यानी करीब 1,700 पाव जहरीली शराब कहां गायब हो गई। पुलिस भले ही अपनी सांत्वना के लिए तर्क दे रही है कि आरोपियों ने दबिश की भनक लगते ही बाकी बची शराब जलाकर नष्ट कर दी थी, लेकिन इस जानलेवा आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता कि यह शराब अब भी ब्लैकर्स के पास या लाइसेंसी दुकानों के समानांतर बेची जा रही है और गांवों में मौत बनकर तैर रही है।

​खास बात यह है कि प्रेस वार्ता में जारी नोट और बंडा थाने की मूल एफआईआर के आंकड़ों ने ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। थाने में दर्ज एफआईआर में बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी यशवंत सिंह लोधी को बताते हुए मनीष लोधी को पृथक आरोपी दर्शाया गया था, जबकि ताजा प्रेस नोट में पुलिस ने अपनी ही लिखापढ़ी से पलटते हुए दोनों को एक ही शख्स मनीष उर्फ यशवंत लोधी करार दे दिया। इतना ही नहीं, एफआईआर में जिस जहरीली शराब की पैकिंग बंबईया ब्रांड की शीशी में होने का उल्लेख था, प्रेस नोट आते-आते उस बंबईया ब्रांड का नाम पूरी तरह गायब कर दिया गया और केवल डीसीआर डिस्टिलरी के सागर गोल्ड ब्रांड का ही जिक्र बचा।

​इस पूरे फर्जीवाड़े के तार करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंदू उर्फ चंद्रभान सिंह राजपूत से भी सीधे जुड़े पाए गए हैं, जिसके बाड़े और मक्के के खेत से पुलिस ने नकली रैपर, ढक्कन, फेविकोल, फर्जी क्यूआर कोड और अमानक शराब का जखीरा जब्त किया है। मामले में मुख्य बेस मटेरियल सप्लायर रवि लखेरा और फरार लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है, जबकि फरार आरोपी शिवान्जय ठाकुर सहित अन्य पर 10-10 हजार रुपये की इनाम राशि तय की गई है।

​कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बंडा थाना क्षेत्र के अपराध में आरोपी मनोहर लोधी, दिनेश लोधी, जुझार लोधी, गोविन्द्र लोधी, राजा लोधी, अनिकेत गंधर्व, रविन्द्र और आकाश राय को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है। वहीं विनायका थाने में दर्ज अपराध में अरविंद यादव, भगवान सिंह लोधी, मानसिंह अहिरवार, चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत, धर्मेंद्र राजपूत, सोहन राजपूत, रोहित शिवहरे और राघवेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन जब तक लापता 1,700 क्वार्टर जहरीली शराब का एक-एक कतरा ट्रेस नहीं हो जाता, तब तक बंडा और आसपास के समूचे इलाके पर मौत का खतरा लगातार मंडरा रहा है।

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