जामा मस्जिद की दीनी विरासत को मिला नया नेतृत्व; मौलाना अजीजुर्रहमान बने शहर के नए पेश इमाम

सागर। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और मकबूल जामा मस्जिद में शुक्रवार का दिन एक भावुक और गरिमामयी अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। मस्जिद के पूर्व पेश इमाम मरहूम मौलाना मुतीउर्रहमान साहब के इंतकाल के बाद रिक्त हुए पद पर, उनके योग्य उत्तराधिकारी और साहबजादे मौलाना अजीजुर्रहमान को सर्वसम्मति से नया ‘पेश इमाम’ नियुक्त किया गया है।
सर्वसम्मति से हुआ जिम्मेदारी का निर्धारण
यह महत्वपूर्ण निर्णय मुफ्ती-ए-शहर तारिक अनवर साहब की सरपरस्ती और गहन मार्गदर्शन में लिया गया। मगरिब की नमाज के बाद मस्जिद परिसर में आयोजित एक सादे किंतु गरिमापूर्ण कार्यक्रम में शहर के उलेमा, दानिशमंदों और जिम्मेदार नागरिकों की उपस्थिति में मौलाना अजीजुर्रहमान को इस पावन जिम्मेदारी की दस्तारबंदी की गई।मौके पर मौजूद समाज के युवा कासिम अफसर राईन ने कहा कि मरहूम मौलाना मुतीउर्रहमान साहब ने ताउम्र जिस सादगी और इल्म के साथ समाज का मार्गदर्शन किया, उनके साहबजादे उसी परंपरा को और भी संजीदगी के साथ आगे बढ़ाएंगे।
ऐलान के बाद समाज में खुशी की लहर
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर तेजी से वायरल हुई, जहाँ शहर के मुस्लिम समुदाय और गंगा-जमुनी तहजीब के पैरोकारों ने इस नियुक्ति का गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों का मानना है कि मौलाना अजीजुर्रहमान की नियुक्ति न केवल जामा मस्जिद की दीनी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेगी, बल्कि युवा पीढ़ी को भी धर्म और संस्कारों से जोड़ने में मददगार साबित होगी।
उम्मीद जताई, रिवायतों का ध्यान रखेंगे
मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों और समाज के गणमान्य लोगों ने मौलाना का इस्तकबाल करते हुए उम्मीद जताई कि वे शहर में अमन, भाईचारे और तालीम के संदेश को प्रसारित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में दुआओं का दौर चला, जिसमें देश और शहर की खुशहाली के साथ-साथ मरहूम पेश इमाम के लिए मगफिरत की दुआ की गई।इस नियुक्ति के दौरान बड़ी संख्या में नमाजी और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में इस फैसले का समर्थन करते हुए नए पेश इमाम को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
16/01/2026



