सागर जेल में बंद रहे दुनिया के तीसरे सबसे बड़े वन्य जीव तस्कर को भेजा जाएगा थाइलैंड की जेल!
इंटरनेशनल कछुआ तस्कर मुरूगेशन का होगा थाईलैंड प्रत्यर्पण, पटियाला हाउस कोर्ट की मुहर, मप्र STSF ने 8 साल पहले किया था गिरफ्तार


सागर। वन्यजीवों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के काले साम्राज्य का एक बड़ा मोहरा, मन्नीवन्नन मुरूगेशन, अब अपने किए की सजा भुगतने के लिए थाईलैंड भेजा जाएगा। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मुरूगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी है। केंद्र सरकार से अंतिम औपचारिक अनुमति मिलते ही इस शातिर तस्कर को थाईलैंड पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तस्कर का ‘सागर’ कनेक्शन
सिंगापुर निवासी मुरूगेशन का नाम दुनिया के शीर्ष तीन वन्यजीव तस्करों में शुमार था। उसका नेटवर्क भारत से लेकर सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैला हुआ था। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने 30 जनवरी 2018 को उसे चेन्नई से गिरफ्तार किया था। उस पर चंबल और मुरैना के इलाकों से दुर्लभ ‘तिलकधारी कछुओं’ (Batagur kachuga) की तस्करी कर विदेश भेजने का आरोप था। मध्य प्रदेश वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत चंबल क्षेत्र के अपराधों की सुनवाई सागर में होने के कारण उसे करीब 4 साल तक केंद्रीय जेल सागर में रहना पड़ा।
शातिर चालबाज: खुद को बताता था ‘मछली व्यापारी’
मुरूगेशन न केवल शातिर तस्कर था, बल्कि कानूनी दांव-पेंचों में भी माहिर था। सागर की विशेष अदालत ने उसे 7 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील के बाद अक्टूबर 2021 में वह दोषमुक्त हो गया। कोर्ट में वह खुद को मासूम ‘मछली व्यापारी’ बताता था और परिवार का हवाला देकर सहानुभूति बटोरता था। हद तो तब हो गई जब उसने खुद को बचाने के लिए तत्कालीन एडीपीओ सुधा विजय सिंह और पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) समेत दर्जन भर जांच अधिकारियों पर ही सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगा दिए थे, जो बाद में झूठे पाए गए।
इंटरपोल का रेड नोटिस और अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी
STSF ने मुरूगेशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घेरने के लिए 2018 में ढाका (बांग्लादेश) की बैठक में उसके काले कारनामों के दस्तावेज साझा किए। इसके बाद Interpol ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया और उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया। थाईलैंड सरकार ने भारत से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था, क्योंकि 2012 में वह बैंकाक एयरपोर्ट पर 900 दुर्लभ कछुओं के साथ पकड़ा गया था लेकिन वहां से भाग निकलने में सफल रहा था।
केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक होगी
मप्र STSF ने अक्टूबर 2021 में उसे हिरासत में लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था, तब से वह तिहाड़ जेल में बंद है। 6 जनवरी 2026 को कोर्ट ने उसे थाईलैंड भेजने का आदेश पारित कर दिया है। हालांकि इसके पूर्व भारत सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी। वहीं उसकी सजा के खिलाफ अपील अभी भी जबलपुर हाईकोर्ट, मप्र में लंबित है।



