3.12 करोड़ रुपए से ड्राइवर- मजदूर परिवार के रिश्तेदार इंजीनियर ने पल्ला झाड़ा
पुलिस रात भर देती रही रकम पर पहरा, सुबह थाने में जमा कराए, इनकम टैक्स विभाग की कार्यशैली पर सवाल

सागर। तिली वार्ड के एक साधारण मजदूर-ड्राइवर परिवार के घर से जब्त 3.12 करोड़ रुपये के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिवार ने जिस रिश्तेदार सेवानिवृत्त पीडब्ल्यूडी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रमेश कुमार अहिरवार का यह धन होने का दावा किया था, उसने पुलिस की कार्रवाई के दौरान ही रात में इस रकम से अपना पल्ला झाड़ लिया। गोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा द्वारा ऑन-कॉल संपर्क किए जाने पर अहिरवार ने दो टूक कहा, “वह परिवार बहुत दूर का रिश्तेदार है, वहां से मिली रकम से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।” सोमवार को भोपाल में मीडिया के सामने भी उन्होंने यही बयान दोहराया। इस बयान पर सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने स्पष्ट किया कि इंजीनियर के बयानों से विवेचना पर कोई फर्क नहीं पड़ता। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और मामले की सूचना इनकम टैक्स , ईओडब्ल्यू तथा लोकायुक्त संगठन को दे दी गई है। जांच पूरी होने पर जल्द ही सच सामने आ जाएगा। दूसरी ओर, इतनी बड़ी जब्ती के बावजूद इनकम टैक्स विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों द्वारा समय पर सूचना दिए जाने के बाद भी आईटी विभाग के स्थानीय दफ्तर ने छुट्टी और अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया।
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अलमारी में छिपा था राज, लिफाफे सील करने में बीती रात
सूत्रों के अनुसार, यह रकम बीते वर्ष अक्टूबर में ड्राइवर भाइयों अमन, सौरभ और उनकी मां रचनाबाई के घर पहुंचाई गई थी। रकम रखने वाले शख्स ने एक नई बड़ी अलमारी खरीदकर घर में रखवाई और उसमें ‘नौकरी से जुड़े जरूरी कागजात’ होने का झांसा देकर अलमारी लॉक की तथा चाबी अपने साथ ले गया। रविवार रात जब्त रकम की कागजी कार्रवाई पुलिस के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं थी। पुलिस ने एक-एक गड्डी को अलग-अलग 600 से अधिक लिफाफों में पैक कर सील किया। हर लिफाफे पर गड्डी का पहला व आखिरी नंबर दर्ज कर जिम्मेदार अफसरों के दस्तखत कराए गए। रकम की सुरक्षा के लिए पुलिस बल पूरी रात घर में मुस्तैद रहा। सुबह सीलबंद कार्टन में पूरी रकम गोपालगंज थाने के मालखाने में सुरक्षित जमा कराए
17/08/2026



