जहरीली शराब कांड: मुख्य आरोपी मनीष लोधी तक पहुंची पुलिस !

सागर। बंडा का चर्चित जहरीली शराब कांड, जिसने तीन दर्जन से अधिक मासूमों की जान ले ली, पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है ! पुख्ता सूत्रों के अनुसार पुलिस की विशेष टीम ने मामले के मुख्य आरोपी मनीष उर्फ यशवंत लोधी के गिरेबां तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पुलिस इस संबंध में बड़ा खुलासा कर सकती है। आरोपी की पहचान छुपाने और छिपने की हर चाल को नाकाम करते हुए पुलिस ने उसे अपने मजबूत मैनुअल नेटवर्क और जमीनी सूचनाओं के दम पर दबोचा है, क्योंकि वारदात के बाद उसने मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था।
बरेठी आबकारी दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत लोधी पर आरोप है कि उसने नकली शराब के जानकार रवि लखेरा और चंदू राजा ततरवारा के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर नकली व जहरीली शराब तैयार करवाई। इस अवैध शराब की सागर गोल्ड के नाम से पैकेजिंग कर इसे आसपास के गांवों में धड़ल्ले से खपाया गया, जिसके सेवन से 36 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और करीब 10 लोग हमेशा के लिए अपनी आंखों की रोशनी खोने की कगार पर पहुंच गए हैं।
इस भयावह वारदात के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बरेठी स्थित उसकी आबकारी दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया था, वहीं पुलिस ने उस पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। जांच में आरोपी का एक बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। अपने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को छिपाने और आबकारी ठेका हथियाने के उद्देश्य से मनीष ने यशवंत लोधी के नाम से एक फर्जी आईडी बनवाई था। इसी नकली पहचान के आधार पर उसने बैंक में नया खाता खुलवाया और आबकारी विभाग से जुड़ी अन्य सभी अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल किए। बंडा पुलिस ने इस मामले में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का अलग से मामला दर्ज किया है।
14/09/2026



