कोतवाली पुलिस की नींद गहरी, चोर ‘कैमरा’ ले उड़े; भगवान भरोसे बाजार!

सागर। शहर का हृदय स्थल कहे जाने वाले कटरा बाजार में इन दिनों पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रिकालीन गश्त महज कागजी साबित हो रही है। आलम यह है कि जिस कोतवाली थाने की जिम्मेदारी शहर के बाजारों को सुरक्षा देने की है, उसी के नाक के नीचे चोर अब व्यापारियों के “तीसरे नेत्र” यानी सीसीटीवी कैमरों पर ही हाथ साफ कर रहे हैं। जब सुरक्षा के उपकरण ही सुरक्षित न हों, तो आम जनता और व्यापारियों के माल की सुरक्षा का दावा खोखला ही नजर आता है।
पुलिस से बेखौफ इत्मीनान से वारदात
कटरा बाजार जैसे व्यस्ततम इलाके में, जो कोतवाली थाने से महज एक किलोमीटर और यातायात थाने से चंद कदमों की दूरी पर है, वहां एक अज्ञात चोर की धमाचौकड़ी मचा रखी है। सीसीटीवी फुटेज में कैद तस्वीरें सोच में डालने वाली हैं। एक अज्ञात युवक, जो अपने पिट्ठू बैग में प्लास, कटर जैसे औजार लेकर चलता है, बड़ी ही बेफिक्री के साथ दुकानों के बाहर लगे कैमरों को चोरी कर रहा है। बीती 29 अप्रैल को सिंघई मेडिकल के पास स्थित एक कपड़ा प्रतिष्ठान से दो कैमरे पार कर दिए गए। चोर का हौसला इतना बुलंद था कि वह ठीक 7 दिन बाद, यानी 5 मई की आधी रात को फिर उसी स्थान पर पहुंचा और सिंघल मेडिकल तथा फैशन प्रतिष्ठान के कैमरों को उखाड़ने की कोशिश करने लगा। हैरानी की बात यह है कि आरोपी वहां कई मिनटों तक रुककर औजारों से कैमरे निकालता रहा, लेकिन इस दौरान पुलिस की एक भी गाड़ी या गश्ती दल वहां से नहीं गुजरा।
टीआई के दावे और रस्मी गश्त का आरोप
व्यापारियों का कहना है कि पुलिस के मशविरे पर ही हम लोगों ने अपनी दुकानों के बाहर सुरक्षा के लिहाज से लाखों रुपये खर्च कर कैमरे लगवाए थे। लेकिन अब चोर इन्हीं कैमरों को निशाना बना रहे हैं ताकि भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देते समय कोई सबूत ही न बचे। इधर, कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल के तर्क भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि वे स्वयं रात 9 बजे तक कटरा पॉइंट पर ड्यूटी करते हैं, इसलिए चोरी होना उनके लिए “अविश्वसनीय” है। साथ ही, पुलिस का यह पुराना घिसा-पिटा तर्क भी सामने आया कि “अभी तक किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी है।” सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस केवल शिकायत का इंतजार करती रहेगी या अपनी ध्वस्त हो चुकी गश्त व्यवस्था को सुधारने के लिए खुद संज्ञान लेगी ?
07/05/2026…..9425172417



