चौपाल/चौराहा

बहन जी… ऊष्मा के कुचालक नहीं हैं हमारे छठवीं… सातवीं में पढ़ रहे बच्चे !

भीषण गर्मी: कक्षा 5वीं तक छुट्टी, लेकिन क्या 6वीं से 8वीं के बच्चे क्या लू - लपट से सुरक्षित हैं ?

सागर। जिले में सूरज के बिगड़े तेवर और बढ़ते पारे को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राथमिक स्तर के बच्चों को राहत दी है, लेकिन मिडिल व हाई स्कूल की कक्षाओं के बच्चों की सुरक्षा पर अब भी सवालिया निशान बने हुए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, जिले के बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए प्री-प्रायमरी से कक्षा 5वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों में 23 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक का अवकाश घोषित कर दिया गया है। हालांकि, इस निर्णय के बीच एक बड़ा मानवीय और वैज्ञानिक पहलू यह भी है कि कक्षा 6वीं से 8वीं तक के बच्चों की उम्र भी बहुत अधिक नहीं होती। शारीरिक रूप से ये बच्चे भी लगभग उसी विकासशील श्रेणी में आते हैं जिनमें नर्सरी और प्राइमरी के बच्चे होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 11 से 14 वर्ष की आयु वाले ये छात्र भी लू (हीटवेव), डिहाइड्रेशन और अन्य भीषण गर्मी से होने वाली बीमारियों का उतना ही शिकार हो सकते हैं, जितना कि छोटे बच्चे। बता दें कि जिले में पिछले 10 दिनों से गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है।  पिछले 10 दिनों के तापमान पर नजर डालें, तो पारा लगातार 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। पिछले सप्ताह की शुरुआत में तापमान जहां 39.5 डिग्री था, वहीं बीच सप्ताह तक यह 41 डिग्री को पार कर गया। 22 अप्रैल 2026 को जिला मुख्यालय पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। आगामी दिनों में इसके 44 डिग्री तक पहुँचने की संभावना है, जो बच्चों के लिए अत्यधिक खतरनाक स्थिति है। शहर के वरिष्ठ पीडियाट्रीशियन (बाल रोग विशेषज्ञ) डॉ. आशीष जैन का कहना है कि गर्मी का प्रभाव केवल उम्र के एक निश्चित ब्रैकेट तक सीमित नहीं रहता।  “10 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों का शरीर भी अत्यधिक तापमान के प्रति बेहद संवेदनशील होता है। दोपहर 12 बजे तक स्कूल संचालित होने पर भी घर लौटते समय वे सीधे सूर्य की किरणों और गर्म हवाओं के संपर्क में आते हैं। इससे उन्हें हीट स्ट्रोक, तेज बुखार और पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सुझाव है कि प्रशासन, कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए भी समान सुरक्षा मानक अपनाए।”  बहरहाल वर्तमान आदेश के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल का समय सुबह 07:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक यथावत रखा गया है। साथ ही, यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षक विद्यालय में उपस्थित रहकर अपने कार्यों का संपादन करेंगे और पहले से निर्धारित परीक्षाएं अपने समय पर ही होंगी। यह आदेश कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल द्वारा तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। वहीं अभिभावकों के बीच अब भी अपने मिडिल स्कूल जाने वाले बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है।

22/04/2026…..9425172417

नोट: फोटो गूगल से साभार प्राप्त

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!