हनी ट्रेप 2.0: रेशू को लेकर सागर पहुंची क्राइम ब्रांच, मकरोनिया नपाध्यक्ष बनना चाहती थी !
गिरफ्तार होते ही वायरल हुए फोटो और ऑडियो क्लिप्स

सागर। इंदौर हनीट्रैप 2.0 की मुख्य किरदार रेशू चौधरी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों ने उसके अतीत और मददगारों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम सागर के मकरोनिया स्थित नेहा नगर में उसके सूने पड़े मकान पर तफ्तीश के लिए पहुंची।जरायम (अपराध) की दुनिया में हाई-टेक हथियारों से ज्यादा खतरनाक वो डिजिटल सबूत होते हैं जो किसी की भी सल्तनत को ढहा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की टीम यहां ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप में इस्तेमाल किए जाने वाले गैजेट्स, पेन ड्राइव, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जब्त करने आई है। जिस घर में कभी रसूखदारों का मेला सजने के ख्वाब बुने जा रहे थे, वहां फिलहाल रेशू की एक छोटी बहन और दिव्यांग मां बेबसी के साए में जी रही हैं। पिता का साया बरसों पहले सिर से उठ चुका है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं रसूख की तस्वीरें
रेशू की गिरफ्तारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर उसके सियासी कनेक्शन के स्क्रीनशॉट्स और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। एक तस्वीर में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गमछा पहने जनसंपर्क करती दिख रही है, तो वहीं दूसरी तस्वीर में सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को गुलदस्ता भेंट करती नजर आ रही है। हालांकि रेशू का जिस तरह का कैरेक्टर नमूदार हो रहा है। उस हिसाब से उसके सोशल मीडिया एकाउंट में जमा तस्वीरों में से जाने कितनी AI रचित हों। इसलिए इन वायरल तस्वीरों और ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि ‘सागरवाणी’ नहीं करता है।
ऑडियो क्लिप 1: डॉक्टर, रिसर्चर और सियासी महत्वाकांक्षा का कॉकटेल
इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प पहलू वो दो ऑडियो टेप हैं, जो इन दिनों सियासी गलियारों में हड़कंप मचाए हुए हैं। पहला ऑडियो कोई आम फोन रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि एक वॉइस रिकॉर्डर के जरिए बेहद शातिराना तरीके से तैयार किया गया है। इस करीब 15 मिनट के ऑडियो में रेशू मकरोनिया (नरयावली )के जनप्रतिनिधि की करीबी रिश्तेदार महिला से बातचीत कर रही है। शुरुआत में रेशू खुद की जो ‘प्रोफाइल’ बताती है, वो किसी को भी प्रभावित कर दे। वह खुद को यूक्रेन से पास-आउट डॉक्टर, केमिस्ट्री में पीएचडी ,और माइक्रोबायोलॉजी से एमएससी बताती है।

हनी ट्रैप- 2.0: तीन बत्ती से मकरोनिया तक भाजपा नेत्री (?) के तार, रसूखदार भी उलझ चुके हैं!
यह बातचीत साल 2020-21 के आस-पास की मालूम होती है, जिसमें रेशू सुरखी विधानसभा उपचुनाव में काम करने का दावा कर रही है। खुद को एबीवीपी की पुरानी कार्यकर्ता बताते हुए वह मकरोनिया के वार्ड क्रमांक 6 से पार्षद का चुनाव लड़ने की हसरत पाले बैठी है। इस बातचीत के दौरान सागर की सियासत के कई दिग्गजों जैसे तत्कालीन नपाध्यक्ष सुशीला संतोष रोहित, विधायक प्रदीप लारिया, शैलेंद्र जैन, संध्या भार्गव, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह और कद्दावर नेता गोपाल भार्गव की कार्यप्रणाली का भी जिक्र आता है।बातचीत का अंत बेहद तल्ख मोड़ पर होता है। रेशू तीखे लहजे में सामने बैठी महिला को अल्टीमेटम देती है कि उसकी तैयारी पूरी है, उसे किसी के ‘रहमो-करम’ या सपोर्ट की जरूरत नहीं। टिकट नहीं मिला, तो वह निर्दलीय मैदान में उतर जाएगी।
ऑडियो क्लिप 2: “अगर मैंने मुंह खोला, तो सियासी वजूद खत्म हो जाएगा”
दूसरा ऑडियो सीधे तौर पर दी गई एक धमकी है। इसमें रेशू उसी महिला नेत्री के एक पुरुष परिजन को फोन पर खरी-खोटी सुना रही है।उसका लहजा पूरी तरह आक्रामक है। वह कहती है कि “आपकी रिश्तेदार मेरे तलाक को लेकर बाजार में अफवाहें उड़ा रही हैं और मेरा नाम उछाल रही हैं। उन्हें समझा लीजिए, क्योंकि मेरे पास भी उनके खिलाफ ऐसी ‘सामग्री’ (एविडेंस) मौजूद है कि अगर मैंने उसे सार्वजनिक कर दिया, तो आपके पूरे खानदान का सियासी रसूख और स्टेटस मिट्टी में मिल जाएगा।”
डिजिटल एविडेंस पर टिकी जांच
अपराध की इस पूरी क्रोनोलॉजी को देखें तो साफ है कि रेशू चौधरी सिर्फ एक मोहरा नहीं, बल्कि खुद को एक बड़ी खिलाड़ी के तौर पर एस्टेब्लिश (स्थापित) करना चाहती थी। ब्लैकमेलिंग के इस हाई-प्रोफाइल रैकेट में अब क्राइम ब्रांच उन डिजिटल सबूतों को तलाश रही है, जो इस हनीट्रैप के पीछे छिपे असली चेहरों और सफेदपोशों के नकाब उतार सकें। देखना दिलचस्प होगा कि मकरोनिया के इस बंद मकान से निकलने वाली हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव आने वाले दिनों में मप्र की सियासत में क्या नया भूचाल लाती हैं।

मकरोनिया के नेहानगर स्थित रेशू चौधरी का घर
सागरवाणी…..9425172417… 22/05/2026



