सियासत

पब्लिक को सड़कों पर परेशान करने के बजाए किसानों को ठंडा पानी पिलाए कांग्रेस: राजपूत

किसानों के नाम पर सियासी रोटियां सेंकना बंद करे कांग्रेस: मंत्री गोविंदसिंह राजपूत

सागर। किसानों की समस्याओं के नाम पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आइना दिखाते हुए उन पर तीखे लफ्जों से वार किया है। मंत्री राजपूत ने दो टूक कहा कि कांग्रेस किसानों के नाम पर अपनी सियासी रोटियां सेंकना बंद करे, क्योंकि जनता अब इनके ‘मगरमच्छी आंसू’ और हकीकत के बीच का फर्क बखूबी समझती है। उन्होंने तंज कसते हुए मशवरा दिया कि चिलचिलाती धूप में आम जनता को परेशान करने के लिए चक्काजाम करने के बजाय, अगर कांग्रेसी खरीदी केंद्रों पर जाकर किसान भाइयों को एक गिलास ठंडा पानी ही पिला देते, तो शायद उनकी सकारात्मकता दिख जाती। सड़कों पर शोर मचाना समाधान नहीं, बल्कि सेवा की नीयत होनी चाहिए। मंत्री राजपूत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस का पूरा वजूद ही ‘झूठ और फरेब’ की बुनियाद पर टिका है। जिस पार्टी ने दशकों तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को रद्दी के ढेर में दबाए रखा, उसे आज किसानों की फिक्र का ढोंग करना शोभा नहीं देता। उन्होंने तुलनात्मक नजीर पेश करते हुए बताया कि कांग्रेस के 55 सालों के राज में गेहूं के समर्थन मूल्य में महज 500 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के दौर में यह इजाफा 1300 रुपये तक जा पहुंचा है। सच तो यह है कि कांग्रेस ने किसानों को सिर्फ ‘कर्ज और मर्ज’ की सौगात दी, जबकि भाजपा ने उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का ‘मरहम’ लगाया है। कांग्रेस को तो अपनी पुरानी वादाखिलाफियों के लिए किसानों से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए। इससे पहले मंत्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का इकलौता सूबा है, जो 2585 रुपये के समर्थन मूल्य पर 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस देकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहा है। प्रदेश में अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है और 15 लाख से ज्यादा किसान अपने स्लॉट बुक कर चुके हैं। अब तक 8.42 लाख किसानों से 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं का रिकॉर्ड उपार्जन कर सरकार ने 11 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। भंडारण की पुख्ता व्यवस्था के लिए क्षमता को 100 से बढ़ाकर 120 प्रतिशत कर दिया गया है। जो प्रदेश कभी गेहूं का ‘मोहताज’ था, आज वही मध्यप्रदेश दुनिया के 47 मुल्कों को अनाज निर्यात कर रहा है। कांग्रेस को इस तरक्की पर रश्क करने के बजाय अपनी जमीन तलाशनी चाहिए, क्योंकि किसान अब इनके बहकावे में आने वाला नहीं है।

07/05/2026…..9425172417

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