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बीपीसीएल के बदले नियमों से सागर में ईंधन का संकट, पंपों पर लटके ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड

सागर। पेट्रोलियम कंपनियों के बदले हुए नियमों और प्रबंधन की सुस्ती ने एक बार फिर आम जनता और पंप संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, सागर जिले में यह संकट सभी कंपनियों के साथ नहीं है, बल्कि विशेष रूप से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पंपों पर गहराया हुआ है। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर पिछले कई दिनों से डीजल और पेट्रोल की नियमित सप्लाई न होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंप सुचारू रूप से चल रहे हैं।

10 दिन पहले एडवांस पेमेंट, फिर भी टैंकर का इंतजार

सागर के एक बीपीसीएल पंप संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी व्यथा बताते हुए कहा, “हमने 10 दिन पहले ही टैंकर के लिए एडवांस पेमेंट जमा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद अभी तक सप्लाई नहीं मिली है। कंपनी के नए नियम और सेल्स अधिकारियों का रवैया व्यापार को ठप कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिले में संचालित इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर ऐसी कोई समस्या नहीं है। वहां ईंधन की उपलब्धता सामान्य है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह संकट कच्चे माल की कमी के कारण नहीं, बल्कि बीपीसीएल के आंतरिक कुप्रबंधन और कठोर नियमों की वजह से पैदा हुआ है।

सागर के सबसे बड़े पंपों पर ‘ड्राय’ होने का खतरा

सागर शहर और जिले में बीपीसीएल के 50 से अधिक पंप संचालित हैं। शहर के सबसे ज्यादा खपत वाले और व्यस्ततम पंपों में शामिल एसटी कोमल चंद (सिविल लाइंस), रुद्राक्ष पेट्रोल पंप (जिला अस्पताल के पास), डिम्पल पेट्रोल पंप (कगदयाऊ रोड) और मकरोनिया चौराहा स्थित मेसर्स एसएस ठाकुर पंप जैसे प्रमुख केंद्र भारत पेट्रोलियम के ही हैं। इन पंपों पर ईंधन खत्म होने का सीधा असर शहर की परिवहन व्यवस्था और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है।

सेल्स ऑफिसर की नियुक्ति के बाद बढ़ी समस्या

पंप संचालकों का आरोप है कि जब से बीपीसीएल द्वारा प्रणव टडला की बतौर सेल्स ऑफिसर नियुक्ति की गई है, तब से वितरण की समस्या और अधिक गहरा गई है। डीलर्स का कहना है कि प्रबंधन और पंप मालिकों के बीच संवाद की कमी और अव्यवहारिक नियमों के कारण आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है।

बंद हुईं पुरानी सुविधाएं, ‘हौच-पौच’ में फंसे डीलर

संचालकों के अनुसार, कुछ समय पहले तक उन्हें व्यापार में काफी सहूलियतें मिलती थीं, जो अब बंद कर दी गई हैं। पहले ईंधन आपूर्ति के बाद 5 दिनों के भीतर भुगतान की सुविधा थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। महीने के अंतिम दिनों (27, 28, 29 तारीख) और दूसरे व चौथे शनिवार को भुगतान से जो छूट मिलती थी, वह अब नहीं मिल रही है। ज्यादा खपत वाले पंपों को रोजाना सुबह के भुगतान से जो रियायत मिलती थी, उसे भी बंद कर दिया गया है। इन तमाम सुविधाओं के बंद होने से बीपीसीएल के वितरण तंत्र में ‘हौच-पौच’ की स्थिति बन गई है। वहीं दूसरी ओर, एचपी और इंडियन ऑयल अपने डीलर्स को ये सभी रियायतें आज भी दे रहे हैं, जिसके कारण उनके पंप कभी ‘ड्राय’ नहीं होते। इस संबंध में सागरवाणी ने भारत पेट्रोलियम के सेल्स ऑफिसर प्रणव टडला से उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

20/04/2026

सागरवाणी…..9425172417

नोट: खबर के थंबनेल में प्रयुक्त फाइल फोटो सोशल मीडिया से साभार लिया गया है।

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