CBI जांच के बीच पूर्व विधायक चौबे की कथित पीड़ित परिवार से मुलाकात !
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही जांच के बीच पूर्व विधायक चौबे पर कथित पीड़ित परिवार से मुलाकात की चर्चा का बाजार गरम !

सागर। खुरई तहसील के बरोदिया-नौनागिर के जिस संवेदनशील मामले की सीबीआई जांच खुद सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में हो रही है, उसके कथित पीड़ितों से दो दिन पहले क्षेत्र के पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे की मुलाकात को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है ! चौबे की इस कथित मुलाकात को कतिपय भाजपाइयों द्वारा प्रामाणिक तक बताया जा रहा है। जिसके बाद से क्षेत्र के नए और पुराने भाजपाइयों के बीच चर्चा और कयास बढ़ गए हैं।
सीबीआई जांच बनाम राजनीतिक अदावत
इस राजनीतिक सरगर्मी की मुख्य वजह पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे और निवर्तमान वरिष्ठ विधायक भूपेंद्र सिंह के बीच लंबे समय से चली आ रही पुरानी राजनीतिक अदावत है। भूपेंद्र सिंह वर्ष 2018 की 20 महीने की कांग्रेस सरकार के दौरान खुरई के भाजपाइयों पर हुए जुल्मो-सितम को भूल नहीं पाए। नतीजतन, वे चौबे को भाजपा में शामिल किए जाने पर परोक्ष रूप से असहमति भी जताते रहे हैं। दूसरी ओर, चौबे के अपने तर्क हैं। उनका कहना रहा है कि वे अकेले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में नहीं आए हैं, बल्कि प्रदेश भर से हजारों कांग्रेसी भाजपा में शामिल हुए हैं। ऐसे में क्या सिंह उन सभी की आमद से भी असहमत हैं ?
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सौंपी है जांच
बीते मार्च में बरोदिया-नौनागिर की युवती अंजना अहिरवार की एंबुलेंस से गिरकर हुई मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे, जिसकी मॉनिटरिंग खुद शीर्ष कोर्ट कर रहा है। वजह ये है कि न्यायालय में पीड़ित पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया था कि राज्य सरकार इस मामले में एकतरफा रुख अपनाए हुए है। जिसके कारण स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष कार्रवाई संभव नहीं है।
चौबे की सफाई, “मैं नहीं गया बरोदिया-नौनागिर”
इस पूरे घटनाक्रम और अपनी कथित मुलाकात पर मचे बवाल के बीच पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है, “यह कहना पूरी तरह गलत है कि मैं बीते दो-तीन दिन या उससे पहले बरोदिया-नौनागिर गया था। मैं बीते कई दिनों से अपने पारिवारिक मामलों में व्यस्त हूं।”
सागरवाणी…9425172417
31/05/2026



