सागर के बस ऑपरेटर्स पर दोहरी मार ! दोनों पुराने बस स्टैंड से धोना पड़ सकता है हाथ
नई परिवहन नीति के खिलाफ ऑपरेटर्स का हल्लाबोल, 2 मार्च से पहिये जाम करने की चेतावनी


सागर। मध्य प्रदेश सरकार की नई परिवहन नीति ने सागर के बस ऑपरेटर्स और शहर की धड़कन कहे जाने वाले बस स्टैंडों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। बस ऑपरेटर्स के अनुसार इस नीति से न केवल बस मालिकों को ‘मालिक से किराएदार’ बनाने की तैयारी है, बल्कि इस बहाने जिला प्रशासन को ‘बस स्टैंड शिफ्टिंग’ का एजेंडा लागू करने का मौका मिल जाएगा। जो कतई जनहित में नहीं है। बता दें कि सागर के मुख्य और प्राइवेट बस स्टैंड खाली कराकर बसों को शहर के बाहर लेहदरा नाका और राजघाट रोड पर बने नए स्टैंडों से संचालित किया जाएगा।
बस स्टैंड छीनने की प्रशासनिक बिसात
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो नई नीति के तहत बसों का संचालन सरकार द्वारा पोषित कंपनियों के माध्यम से होना है। इस बदलाव का सीधा असर शहर के प्राइम लोकेशन पर स्थित बस स्टैंडों पर पड़ेगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत राजघाट और लेहदरा नाका पर स्टैंड बनकर तैयार हैं, जिन्हें पिछले साल ऑपरेटर्स की हड़ताल के कारण चालू नहीं किया जा सका था। अब नई नीति की आड़ में प्रशासन इन स्टैंडों को शिफ्ट करने की तैयारी में है, जिससे आम जनता की जीवनचर्या और जेब दोनों पर भारी बोझ पड़ेगा।
परिवहन नीति के विरोध में हड़ताल का ऐलान
राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ सोमवार को सागर जिला बस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया। एसोसिएशन ने संभागीय कमिश्नर अनिल सुचारी और कलेक्टर संदीप जीआर को ज्ञापन सौंपकर साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने परिवहन नीति वापस नहीं लीं, तो 2 मार्च 2026 से प्रदेश भर में बसों के पहिये थम जाएंगे।
सभी 55 जिलों के आपरेटर्स के समर्थन का दावा
हाल ही में मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के सानिध्य में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के 55 जिलों के 400 से अधिक ऑपरेटर्स जुटे। सम्मेलन में प्राइम रूट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा और मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय ने दोटूक कहा कि सरकार निजी बस ऑपरेटर्स के व्यवसाय को समाप्त कर उनका राष्ट्रीयकरण करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारी तीन ही मांगें हैं। 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित संशोधन के प्रारूप को तत्काल निरस्त किया जाए। 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में किए गए संशोधन को पूर्णतः समाप्त किया जाए। प्रदेश में वर्तमान में संचालित बस व्यवस्था को यथावत रखा जाए। जिन्हें नहीं माना गया तो 2 मार्च से पूरे प्रदेश में बसों के पहिए जाम रहेंगे।
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23/02/2026



