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मंगलगिरी का हत्याकांड: मैंने बुलेट बेचकर ऑटो दिलवाया था, उधार रकम लौटाने के बजाए गाली देता था, पुष्पा-2 दिखाकर गला घोंट दिया

दोस्त की हत्या कर गड्ढे में गड़ाने वाले आरोपी ने पुलिस को सुनाई वारदात की पूरी कहानी

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सागर। मैं ऑटो चलाता था और वह मेरे पास अक्सर काम नहीं होने की बात कहता रहता था। दोस्ती अच्छी थी, इसलिए मैंने बगैर सोचे-समझे अपनी बुलेट बेचकर उसे 30 हजार रु. दे दिए। उसने ऑटो खरीद लिया। कमाई भी होने लगी। लेकिन वह मेरे पैसे लौटाने के बजाए गाली-गलौज और मारपीट करने लगा। बस यहीं से मेरा दिमाग खराब हो गया और मैंने यह उसे मौत के घाट उतार दिया। यह कुबूलनामा मोतीनगर थाना क्षेत्र के मंगलगिरी इलाके में मारे गए युवक ऋषि अहिरवार (21) निवासी काकागंज की हत्या के आरोपी गोलू पटेल निवासी पंतनगर का है। टीआई जसवंतसिंह और उनके अधीनस्थ अमले ने ऋषि का शव मंगलगिरी के पास झाड़ियों में एक गड्ढे से बरामद किया था। गोलू ने उसे मारने के बाद उसके ऊपर नमक के 15 पैकेट डालकर शव को डी-कम्पोज करने की कोशिश की थी।

शराब पिलाने और पुष्पा-2 दिखाने का लालच देकर निपटा दिया

गोलू ने बताया कि ऋषि के व्यवहार से मैं बहुत बुरी तरह से चिढ़ गया था। उसे मारने के लिए मैं बेसब्र हो रहा था। मुझे मालूम था कि वह शराब का शौकीन है। मैंने शनिवार को उसे फोन कर बुलाया और उससे कहा कि मंगलगिरी तरफ चलते हैं। वही शराब पिएंगे। मोबाइल में पुष्पा-2 फिल्म भी है। साथ में देखेंगे। मैंने एक नाबालिग को अपने साथ नमकीन, डिस्पोजेबिल गिलास, पानी आदि के लिए साथ कर लिया। हम तीनों एक सुनसान जगह पर पहुंच गए। जहां हम लोगों ने शराब पीना शुरु की। मैं उसे खत्म करने के इरादे से ही आया था। इसलिए मैंने कम शराब पी और उसे अधिक से अधिक पिला दी। इसके बाद मैंने अपने मोबाइल सेट पर पुष्पा-2 फिल्म चला दी। ऋषि उसे देखने में इतना मगन हो गया कि उसे पता ही नहीं चला कि कब मैं उसके पीछे आ गया। मैंने मौका देखते ही गमछानुमा कपड़े को रस्सी की तरह भांजकर उसके गले में कस दिया। चंद मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई। चूंकि मैं उससे इस हद तक चिढ़ा था कि मैंने उसके शव को एक गड्ढे में फैंकने के बाद उस पर कई पत्थर भी पटके। मुझे मालूम था कि अगर शव के साथ नमक को भी गाड़ दो तो वह तेजी से गल जाता है। इसलिए मैं, तुरंत काकागंज की तरफ लौटा और एक दुकान से एक-एक किलो नमक के 15 पैकेट खरीदे और उसके ऊपर डाल दिए। किसी को शव दिखाई नहीं दे इसलिए उस पर आसपास से कुछ झाड़ियां उखाड़कर डाल दीं।

उज्जैन भागने की फिराक में था गर्लफ्रैंड से मिला सुराग

पुलिस के अनुसार हत्या की वारदात के बाद आरोपी गोलू समझ चुका था कि पुलिस कभी भी उस तक पहुंच सकती है। दरअसल पुलिस ने मृतक ऋषि के मोबाइल सेट से मिले नंबरों पर कॉल करना शुरु किया। संबंधितों को पुलिस थाने में तलब किया। इसी नंबरों में से एक गोलू का भी था। पहले कॉल पर गोलू सामान्य बनने की कोशिश करते हुए बोला कि मैं शहर से बाहर हूं। जल्द ही पहुंच रहा हूं। बाद के कॉल में वह आने में आनाकानी करने लगा। कुछ समय बाद उसने फोन भी बंद कर लिया। इस दौरान पुलिस को पता चला कि गोलू की एक गर्ल फ्रैंड भी है। जो भैंसा में रहती है। पुलिस उस तक पहुंच गई। इस लड़की ने बताया कि गोलू से मेरी बात हुई थी। उसने रिकॉर्डिंग भी सुना दी। जिसमें वह बोल रहा था कि मैं उज्जैन जा रहा हूं। यह बात मेरी मां के अलावा किसी को मत बताना। पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और आरोपी को मुख्य रेलवे स्टेशन पर उज्जैन जाने वाली ट्रेन का इंतजार करते वक्त दबोच लिया। पकड़े जाने के बाद गोलू बताया कि मैं, ऋषि के ऑटो को बेचकर अपनी उधारी वसूलता। इसलिए मैंने उसकी नंबर प्लेट भी निकालकर रख ली थी ताकि ऑटो की पहचान नहीं हो पाए।

12/12/2024

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