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पूर्व सेनाध्यक्ष से सम्मानित आर्मी कॉन्ट्रेक्टर के मकान पर किराएदार कर रहा कब्जे की कोशिश
मकरोनिया के रजाखेड़ी में रहने वाले आर्मी के वयोवृद्ध कॉन्ट्रेक्टर के पास रजिस्टर्ड किरायानामा है। इसके बावजूद वह अपना मकान खाली नहीं करा पा रहे। बड़ी विडंबना ये है कि पुलिस- प्रशासन के अधिकारी भी उनकी मदद नहीं कर रहे। चर्चा है कि सागर में पदस्थ एक सीनियर पुलिस अफसर इस मामले में बेजा दखल दिए हैं। कब्जा करने की फिराक में घूम रहा यह पूर्व किराएदार ने इन बड़े साहब की कहीं से लिंक बैठा ली है। जिस मकान पर कब्जे की कोशिश हो रही है। वह व्यवसायिक और
बेशकीमती है।
सागर वाणी डेस्क। 9425172417
सागर। मामला मकरोनिया के रजाखेड़ी क्षेत्र का है। जहां आर्मी के एक वयोवृद्ध कॉन्ट्रेक्टर के बेशकीमती मकान पर पूर्व किराएदार कब्जे की फिराक में है। इन कॉन्ट्रेक्टर का नाम जीएल अग्रवाल निवासी रजाखेड़ी है। कुछ साल पहले महार रेजीमेंट सेंटर में देश के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल केवी कृष्णाराव से सम्मानित हो चुके कॉन्ट्रेक्टर अपने इस मकान पर डले किराएदार के ताले खुलवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस-प्रशासन भी सारे मामले से वाकिफ होने के बावजूद इस वयोवृद्ध की मदद करने तैयार नहीं है। अग्रवाल का कहना है कि मेरा एक व्यवसायिक भवन रजाखेड़ी में संजय मेमोरियल कॉम्पलेक्स के नाम से है। जिस पर पूर्व किराएदार रीतेशकुमार सिंघई निवासी दयानंद वार्ड जबरिया कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। अग्रवाल के अनुसार रीतेशकुमार ने अपनी इसी प्रवृत्ति के चलते शहर में एक अन्य व्यवसायिक भवन को किराए पर लेने के बहाने कब्जा कर चुका है।
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एक साल पहले किराए पर दिया था, एग्रीमेंट के अनुसार खाली करने तैयार नहीं
कॉन्ट्रेक्टर अग्रवाल के अनुसार रीतेशकुमार सिंघई ने मुझ से 3 जून 2022 को उपरोक्त भवन किराए से लिया था। नियमानुसार मैंने सिंघई को रजिस्टर्ड किरायानामा के जरिए यह भवन 30 मई 2023 तक के लिए किराए से दिया था। किरायानामा में स्पष्टï रूप से लिखा गया था कि अगर मकान मालिक को भवन की जरूरत होगी तो वह निश्चित समय सीमा में नोटिस देकर भवन खाली कराने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। इसी शर्त के तहत मैंने सिंघई को नोटिस देकर भवन खाली करने को कहा। किरायदार राजी हो गया। उसने अपना सामान निकाल लिया। लेकिन अचानक उसने इस खाली भवन में ताले डाल दिए। अग्रवाल का कहना है कि किरायानामा में एक शर्त ये भी है कि किराया नहीं देने या अन्य किसी विवाद के चलते मकान मालिक पंचनामा बनाकर भवन कराने के लिए स्वतंत्र है। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन मेरी मदद नहीं कर रहा।
किराएदार से बात की तो बदसलूकी कर डाली
अग्रवाल का कहना है कि मैंने सिंघई के बदले हुए व्यवहार को देख उससे बातचीत की तो वह झगड़े पर आमादा हो गया। उसने मेरी उम्र व प्रतिष्ठा का लिहाज नहीं करते हुए मुझे धक्का देकर गिरा दिया। मैंने इस घटनाक्रम की मकरोनिया पुलिस थाने में रिपोर्ट भी की थी। हालात को समझते हुए मैंने अपना भवन कराने के लिए एसडीएम सागर व कलेक्टर सागर के कार्यालय में भी आवेदन दिए। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व किरायदार सिंघई, शर्तों के विपरीत मेरे इस भवन को अपने कब्जे में रखना चाहता है। चूंकि मैं एक वयोवृद्ध व्यक्ति हूं, इसलिए ज्यादा भाग-दौड़ नहीं कर पाता हूं। इसके चलते पूर्व किरायदार मुझे मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना दे रहा है।



