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राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका के आगमन के बहाने राजनीति चमकाने की तैयारी ! 

सागर। राष्ट्र की आधारशिला के रूप में नारी शक्ति को संगठित करने वाली संस्था ‘राष्ट्र सेविका समिति’ की प्रमुख संचालिका श्रीमती शांताक्का सागर प्रवास पर हैं। संघ की विचारधारा के समानांतर चलने वाले इस 90 वर्ष पुराने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का यह प्रवास, सांगठनिक गतिविधियों के साथ-साथ शहर की अंतर्धाराओं में चल रही राजनीतिक सक्रियता के कारण भी चर्चा का केंद्र बन गया है।

दो प्रमुख सत्रों में होगा मार्गदर्शन

​शांताक्का जी के प्रवास के दौरान शहर में दो मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें पहला, ​शाखा एकत्रीकरण दोपहर 3 बजे से पीली कोठी स्थित वात्सल्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल में होगा।​दूसरा आयोजन बौद्धिक सत्र के रूप में शाम 6 बजे सिविल लाइंस स्थित वरदान होटल में प्रबुद्ध वर्ग की महिलाओं के लिए किया जाएगा। हालांकि संगठन ने इन आयोजनों को प्रचार-प्रसार से दूर रखा है, लेकिन पर्दे के पीछे की तैयारियां जोरों पर हैं। 

ड्राइंग रूम मीटिंग और सियासी मंसूबे !

सांगठनिक कार्यक्रम के इतर, इस प्रवास को लेकर शहर की राजनीति में एक नई चर्चा ने जन्म लिया है। चर्चा है कि शांताक्का जी सिविल लाइंस निवासी एक नामचीन बीड़ी निर्माता मराठी परिवार के आवास पर जा रही हैं। इस संबंध में समिति की चुनिंदा सेविकाएं, भावी सेविकाओं को आमंत्रित करने मैसेज भी भेजे गए हैं। जिसका मज्मून कुछ यूं है कि…..“आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि राष्ट्र सेविका समिति की वंदनीय प्रमुख संचालिका शांताक्का जी के सान्निध्य में एक आत्मीय कक्ष बैठक (Drawing Room Meeting) आयोजित की जा रही है। यह बैठक चाय के साथ संवादात्मक रूप में होगी। आपकी गरिमामयी उपस्थिति अपेक्षित है।”

दिनांक: 07 January 2026

समय: सायं 5:00 बजे

स्थान: डॉ. मीना पिंपलापुरे जी का निवास

– सादर,

राष्ट्र सेविका समिति

सवाल ये है कि महिलाओं की यह प्रतिष्ठित समिति क्या इस तरह की ड्राइंग रूम मीटिंग शहर की उन सेविकाओं या भावी सेविकाओं के निवास पर भी रखी गई। जिनके रहवास महज दो कमरे के हैं। व्यवस्थागत दिक्कतों को मान भी लें तो क्या सीमित साधन वाले परिवारों की महिलाओं को उपरोक्त “ड्राइंग रूम मीटिंग” में ससम्मान आमंत्रित किया गया है ? बहरहाल बता दें कि जिस परिवार में “ड्राइंग रूम मीटिंग” प्रस्तावित है कि उनकी एक बेटी दिल्ली के पंजाबी परिवार में ब्याही है। जो पिछले एक वर्ष से सागर की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में गाहे-बगाहे सक्रिय हैं। चर्चा है कि वे इन आयोजनों के माध्यम से सागर की राजनीति में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही हैं। समिति के कार्यक्रमों में उनकी ताजा “दिलचस्पी” को इसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

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समिति का गौरवशाली इतिहास

​विजयादशमी 1936 में वर्धा से शुरू हुई राष्ट्र सेविका समिति एक बड़ा हिंदू महिला संगठन है। लक्ष्मीबाई केळकर द्वारा स्थापित इस संस्था का ध्येय ‘स्त्री राष्ट्र की आधारशिला है’, पर बेस्ड है। वर्तमान प्रमुख संचालिका शांताक्का जी 2012 से संगठन का नेतृत्व कर रही हैं। समिति न केवल शाखाओं के माध्यम से शारीरिक और बौद्धिक विकास करती है, बल्कि उद्योग मंदिर, सेवा कार्य और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। राष्ट्रीय सेविका समिति, को अक्सर आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की महिला इकाई मान लिया जाता है। जो सही नहीं है। यह एक स्वतंत्र राष्ट्रवादी महिला संगठन है। जिसकी विचारधारा, आरएसएस से बहुत कुछ मेल खाती है। माना जा रहा है कि सागर में समिति की प्रमुख संचालिका का  यह प्रवास न केवल सेविकाओं में नई ऊर्जा भरेगा, बल्कि आगामी समय में भाजपाई महिला कैडर के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

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06/01/2026

 

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