अपराध और अपराधी
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सागर के क्रिकेट प्रेमी पुलिस कप्तान और  अपराधियों के ‘चौके-छक्के ‘

सागर। जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। ऐसा लगता है जैसे पुलिस कप्तान साहब अपराध नियंत्रण की बजाय सिर्फ क्रिकेट कैप्टन की भूमिका में ही खुश हैं, जिसका सीधा फायदा अपराधी उठा रहे हैं। आज दिन-दहाड़े नई गल्ला मंडी के पीछे हुई 15 से 19 लाख रुपये की लूट ने पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये की पोल खोलकर रख दी है।

दिन-दहाड़े लूट, पुलिस सिर्फ दर्शक!

​घटना नई कृषि उपज मंडी के मोलाली पुल के पास हुई। व्यापारी पंकज केशरवानी की फर्म के मुनीम सुरेश दीक्षित बैंक से रकम लेकर आ रहे थे। ऑटो और बाइक पर सवार चार लुटेरों ने मुनीम की आँखों में लाल मिर्च पाउडर झोंका, रिवॉल्वर लहराई और रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग निकले। लुटेरे वारदात को अंजाम देकर निकल गए और पुलिस दर्शक बनी रही। यह तो शुक्र है कि आसपास के लोगों ने चीख-पुकार सुनकर तेजी दिखाते हुए एक लुटेरे को दबोच लिया, वरना ये सारे अपराधी आसानी से भाग निकलते।इस घटना से आक्रोशित गल्ला व्यापारियों ने मंडी गेट के सामने तुरंत चक्काजाम कर दिया और पुलिस की निष्क्रियता पर गुस्सा जाहिर किया। व्यापारियों ने वर्किंग टाइम में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद मोतीनगर थाना प्रभारी ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन सवाल यह है कि यह तत्परता वारदात के समय क्यों नहीं दिखाई गई?

 एसपी पर कटाक्ष, “इन्हें बीसीसीआई भेजो”

​शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पुलिस कप्तान के ‘क्रिकेट प्रेम’ को लेकर समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने आज सीधे पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने डीआईजी शशीन्द्र चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए तीखी टिप्पणी की। ठाकुर ने डीआईजी से कहा कि आपके एसपी को शहर वासियों की सुरक्षा का कोई ख्याल नहीं है, वे केवल क्रिकेट खेलते रहते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “रही एसपी की बात तो मैं, उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल करने के लिए बीसीसीआई के अध्यक्ष जय शाह से सिफारिश कर दूंगा।” बता दें कि ​​यह लूट की वारदात अकेली नहीं है। पिछले 48 घंटों में अपराधियों ने दनादन चौके-छक्के मारे हैं और पुलिस मूकदर्शक रही है। ​बीते दिनों आधा दर्जन नशेलचियों ने शाम को सरेआम चाकू लहराए, बीयर की बोतलें फोड़ी और दुकानों के कांच तोड़ डाले। ​नरयावली अग्निकांड में तो हद हो गई, जहां संदिग्ध हालात में घर में आग लगाई गई, दो भाई जलकर अस्पताल में साइलेंटली मर गए, जबकि झुलसी बहन ने आरोपी फईम खान का नाम लिया है। लेकिन पुलिस 9 दिन तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई। ​ये घटनाएं साफ बताती हैं कि सागर में अपराधियों का राज चल रहा है और पुलिस कप्तान अपनी प्राथमिकताएं भूल चुके हैं। शहर की जनता पूछ रही है। क्या कप्तान साहिब मैदान छोड़कर अब शहर की कमान संभालेंगे या जिले को अपराधियों के हवाले ही छोड़ देंगे?

15/12/2025

 

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