मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस के लॉकर से जेवर चुराने की आरोपी महिलाकर्मी ने किया सुसाइड
परकोटा स्थित ब्रांच की कार्यप्रणाली पहले से है चर्चा में

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सागर। मण्प्पुरम गोल्ड फाइनेंस की परकोटा स्थित ब्रांच की एक महिला कर्मचारी पर चोरी का आरोप लगा। जिसके बाद उसने विदिशा में रेलवे ट्रेक पर जाकर सुसाइड कर लिया। यह घटनाक्रम कुछ दिन पहले का है। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल ने बताया कि कंपनी की एबीएच पूजा रैकवार ने एक शिकायती पत्र दिया था। उसका कहना था कि कंपनी की एबीएच आरती मालवीय ने एक ग्राहक अमित नलवंशी के 43.6 ग्राम सोने के जेवरात चोरी कर लिए।
जिसके बाद आरती का ट्रांसफर, विदिशा स्थित ब्रांच में कर दिया गया। पूजा का कहना था कि बीते मार्च में ग्राहक अमित नलवंशी, गिरवी रखे सोने की एवज में लोन का रिन्युअल कराने आया था। तब आरती के द्वारा जेवरात का यह पैकिट, कंपनी के लॉकर से बाहर निकाला गया। किसी कारणवश ग्राहक अमित को री-लोन नहीं दिया गया। नियमानुसार आरती को यह पैकिट वापस लॉकर में रखना था लेकिन उसने अपने पास रख लिया। इत्तेफाक से उसी दिन कंपनी के विजिलेंस अधिकारियों की विजिट थी, इसलिए किसी ने भी आरती की हरकत पर ध्यान नहीं दिया। बाद में कंपनी को किसी अन्य कारण से इस चोरी का पता चला।
हेड ऑफिस में शिकायत के बाद ब्रांच के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए तो विजिलेंस की विजिट के दौरान आरती द्वारा उक्त जेवरात चोरी करने वाले का खुलासा हो गया।
नए ब्रांच हेड को जानकारी देकर ग्राहक को सूचना दी
पूजा का कहना है कि इस घटनाक्रम की जानकारी ब्रांच के अन्य कर्मचारियों को भी थी। इसी बीच कुछ दिन बाद नए ब्रांच हेड देवेंद्रकुमार यादव को इस बारे में बताया गया। जिसके बाद यह आवेदन पुलिस को दिया गया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आरोपी आरती के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज कर लिया। पूजा का कहना है कि जेवरात चोरी होने की जानकारी ग्राहक अमित नलवंशी को भी दे दी गई है।
आरोप लगने के एक महीने बाद युवती ने आत्महत्या की
जानकारी मिली है कि इस मामले में आरोपी बनाई गई आरती मालवीय ने विदिशा में रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 12 मई की बताई जा रही है। आरती का स्कूटर, मोबाइल व पर्स रेलवे ट्रेक से कुछ दूरी पर मिले। चर्चाओं के अनुसार इस घटनाक्रम के बाद से वह काफी परेशान रहने लगी थी।
फाइनेंस कंपनी की पहले भी संदिग्ध कार्यप्रणाली सामने आई
अमानत में खयानत और फिर कर्मचारी की आत्महत्या के इस प्रकरण के अलावा और भी मामले हैं। जिसमें मणप्पुरम गोल्ड फायनेंस कंपनी की परकोटा ब्रांच की कार्यप्रणाली सामने आई है। दो महीने पहले इस ब्रांच में चोरी के जेवरात गिरवी रख लिए गए। मामला यूं था कि मकरोनिया में एक भाई-बहन, लगातार चोरियां अंजाम दे रहे थे। वे चोरी के जेवरात इसी शाखा में गिरवी रख देते थे। जब यह आरोपी पकड़ में आए तो पुलिस ने चोरी के यह जेवर, कंपनी से जब्त कर लिए। बाद में कंपनी ने चोरी के जेवरात रखने वाले भाई-बहन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया था कि आप लोगों ने जेवर गिरवी रखते समय पूरी जांच पड़ताल क्यों नहीं की। 
16/06/2025



