सागर जपं के नए भवन का साइट सिलेक्शन विवादों के घेरे में
साइज, लोकेशन और बाउंड्रीवॉल पर अफसर और जनप्रतिनिधि नहीं हैं एकराय

सागर। जनपद पंचायत सागर के नए भवन निर्माण की कवायद शुरू होते ही प्रशासनिक गलियारे में विवाद मच गया है। पुराने कलेक्टोरेट परिसर में चल रही जमीन की माप-जोख के बीच अफसरों की मनमानी और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिससे यह पूरा प्रोजेक्ट जमीन पर आने से पहले विवाद में फंस सकता है।
अध्यक्ष का सीधा आरोप “अफसरों की यह निर्णय जनहित में नहीं”
जपं अध्यक्ष सविता पृथ्वी सिंह बामोरा ने इस निर्माण को लेकर अपनी असहमति जताते हुए सीधे मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ‘सागरवाणी’ से चर्चा में कहा ”शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि नए भवन की साइट का चयन जपं अध्यक्ष और सीईओ की आपसी सहमति से होगा। लेकिन अफसरों ने जनप्रतिनिधियों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया और खुद ही पुराने भवन को तोड़कर वहीं नया ढांचा खड़ा करने का एकतरफा फैसला ले लिया।”
दो एकड़ की गाइडलाइन को दरकिनार कर निर्माण
विवाद की सबसे बड़ी वजह शासन के तय नियमों की अनदेखी है। 4.75 करोड़ रु. के इस प्रोजेक्ट के लिए असल स्थिति इस प्रकार है कि नए परिसर के लिए कम से कम 2 एकड़ जगह होना अनिवार्य है, ताकि 200 कर्मचारियों के स्टाफ, पार्किंग और आय बढ़ाने के लिए मार्केट कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा सके। पूर्व सीईओ और वर्तमान अध्यक्ष पृथ्वी सवितासिंह ने एनएच-41 स्थित रुसल्ला गांव में करीब 3.5 एकड़ सरकारी जमीन का चयन कर लिया था। सूत्रों की मानें तो वर्तमान जपं सीईओ भूपेंद्र अहिरवार, जिला प्रशासन के दबाव में हैं। यही वजह है कि वे पर्याप्त जमीन के बजाय पुराने संकरे स्थान पर ही दो मंजिला इमारत बनवाने पर राजी हो गए। कलेक्टर प्रतिभा पाल और जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी के दौरों के बाद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलती दिख रही है।
बाउंड्रीवॉल से सियासी टकराव और ट्रैफिक का खतरा
पैमाइश में पुराने एसपी ऑफिस की तरफ बने ‘सांसद चौपाल’ के चबूतरे को जपं की हद में लिया जा रहा है। इसी चबूतरे पर नरयावली विधायक प्रदीप लारिया जनता दरबार लगाते रहे हैं। बाउंड्रीवॉल बनने से पुराने एसपी ऑफिस से जिला पंचायत तिराहा जाने वाली मुख्य सड़क बेहद संकरी हो जाएगी। कोर्ट, पुलिस और जनपद के कामों से आने वाले सैकड़ों लोग जब सड़क पर वाहन पार्क करेंगे, तो रोज़ाना लगने वाले ट्रैफिक जाम और हादसों को रोक पाना कठिन होगा।
सागरवाणी…9425172417



