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देवास हादसे के बाद कलेक्टर तैयार करा रही हैं थोक पटाखा दुकान- गोडाउन की ग्राउंड रिपोर्ट 

एसपी और एसडीएम के अभिमत के बाद ही रिन्यु होंगे थोक- फुटकर पटाखा बिक्री के लाइसेंस

सागर। देवास की एक पटाखा फैक्टरी में डेढ माह पहले विस्फोट हुआ था। 5 लोगों की मौत व 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस हादसे से सबक लेते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिले भर के थोक पटाखा लाइसेंसधारियों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कराने का निर्णय लिया है। जिसके तहत कलेक्टर श्रीमती पाल ने एसपी से सभी लाइसेंसियों के चरित्र प्रमाण – पत्र के अलावा उनकी दुकान या गोडाऊन से आसपास के लोगों की सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर भी टीप मांगी है। उन्होंने अधीनस्थ एसडीएम को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने- अपने न्यायालयीन क्षेत्र में स्थित थोक पटाखा व्यवसायियों की दुकान व गोडाउन का मैदानी निरीक्षण करें। आसपास आबादी समेत अन्य शासकीय- अशासकीय संपत्ति की स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दें। कलेक्टर द्वारा इन दो रिपोर्ट्स की समीक्षा के बाद ही लाइसेंस रिन्युअल पर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि अभी तक परंपरा रही है कि जिले की शस्त्र शाखा एसपी ऑफिस से थोक पटाखा व्यवसायियों के लिए जारी चरित्र प्रमाण-पत्र के आधार पर उन्हें अगस्त – सितंबर तक सालाना रिन्युअल दे देती थी। 

दीवाली पर बारूद के ढेर पर रहती है बड़ी आबादी ! 

​सागर शहर और ग्रामीण इलाकों के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां की घनी आबादी हर वक्त बारूद के ढेर पर जीने को मजबूर है। नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाकों के बेहद करीब पटाखों का जखीरा जमा किया जा रहा है। ​भगवानगंज के कबूलापुल पर लाइसेंसी रवनेश राय की दुकान संचालित है। इस दुकान के ठीक बाजू में ऑटो पार्ट्स और इंजन ऑयल की दुकानें हैं, तो महज चंद कदमों की दूरी पर घने रहवासी मकान हैं। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में यहाँ बड़ी जनहानि का खतरा हमेशा बना रहता है। सूत्रों के मुताबिक, लाइसेंसी राय ने दस्तावेजों में इस दुकान को केवल ‘डिस्प्ले काउंटर’ बता रखा है, जबकि हकीकत कुछ और ही है। इसी तरह जिले के सबसे बड़े पटाखा व्यवसायी रमेश ताले वाले द्वारा आईटीआई के ठीक सामने फुटकर/डिस्प्ले दुकान के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां दीवाली के सीजन में कई सौ पाउंड बारूदी पटाखे जमा कर थोक और फुटकर बिक्री की जाती है, जबकि यह पूरा क्षेत्र नगर निगम सीमा के भीतर और घनी आबादी से पूरी तरह घिरा हुआ है। हालांकि, हाल ही में कलेक्टर के कड़े रुख के बाद सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन ने इस दुकान को सील करने की कार्रवाई की है।

इन संदिग्ध और रिस्की गोडाउन-दुकानों की भी बारीकी से जांच जरूरी

​प्रशासनिक अमले को केवल दिखावे की कार्रवाई से बचकर जिले की अन्य सभी संदिग्ध लोकेशंस पर भी कड़ा शिकंजा कसना होगा। शहर के न्यू गल्ला मंडी के पास स्थित ‘बनवारी एंड संस’ की दुकान और कर्रापुर सिमरिया में बने उनके गोडाउन की सघन जांच आवश्यक है। इसके साथ ही, लाइसेंसी महेंद्र जैन की कनेरा-पिपरिया स्थित गोडाउन, राजेश गुप्ता की गढ़ाकोटा स्थित दुकान व गोडाउन, बंडा के मणि साहू की दुकान व गोडाउन, और रहली में लाइसेंसी आरती सेंधिया व रचना सेंधिया की दुकान तथा गोडाउन की भी बारीकी से मैदानी जांच कराई जानी चाहिए।कलेक्टर प्रतिभा पाल की यह पहल यदि पूरी ईमानदारी से धरातल पर उतरती है, तो निश्चित ही सागर जिला किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बच सकेगा। 

दावों के बावजूद हर साल फटता है लापरवाही का बम !

​मध्य प्रदेश में पटाखा फैक्ट्रियों और गोडाउन में ब्लास्ट की यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल प्रदेश के किसी न किसी कोने से ऐसी दर्दनाक खबरें सामने आती हैं, जहां चंद पैसों के मुनाफे के लिए इंसानी जिंदगियों को दांव पर लगा दिया जाता है। हर बड़े हादसे के बाद प्रशासन द्वारा एहतियात और सख्त चेकिंग के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, जांच अभियान चलते हैं, और लाइसेंस खंगाले जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ही दिनों में फिर जस की तस हो जाती है। यदि इतिहास पर नजर डालें, तो झाबुआ के पेटलावद में 12 सितंबर 2015 को हुआ ब्लास्ट आज भी लोगों की रूह कंपा देता है। एक दुकान में सिलेंडर फटने के बाद पास के जिलेटिन गोदाम में हुए भीषण विस्फोट ने 79 लोगों की जान ले ली थी 16 अप्रैल 2024 को इंदौर के महू में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से एक मजदूर रोहित की मौत हो गई थी, वहीं 2 अक्टूबर 2024 को छतरपुर के हरपालपुर में भी सिलसिलेवार धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा था।

नोट: पटाखा गोडाउन का फोटोAI जेनरेटेड है।

9425172417…..02/06/2026

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