जिपं सदस्य सर्वजीत सिंह अचानक गिरफ्तार, जेल भेजा, मंत्री प्रह्लाद पटेल बोले ‘अपमान ‘ किया गया !
2 साल पुराना केस, अचानक गिरफ्तारी और सरकार के ही मंत्री का अपनी पुलिस पर बड़ा हमला


सागर। बुंदेलखंड की सियासत में रविवार को उस वक्त गरमाहट आ गई, जब बांदरी थाना पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य और लोधी क्षत्रिय महासभा (युवा इकाई) के प्रदेशाध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी को अचानक गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी वर्ष 2024 के एक विवाद और फायरिंग मामले में हुई है। आरोपी को आनन-फानन में मालथौन सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। इधर इस गिरफ्तारी के बाद मप्र सरकार के कद्दावर कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल खुलकर अपनी ही पुलिस के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं और इसे “अपमानित करने की साजिश” करार दिया है।
पटेल बोले, “यह सिर्फ अपमानित करने की कोशिश”
अपने करीबी सर्वजीत की गिरफ्तारी से नाराज पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा संगठन और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को टैग करते हुए लिखा: “सागर जिले में जिला पंचायत सदस्य एवं लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष प्रिय सर्वजीत सिंह की सागर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है। दो वर्षों से इस प्रकरण में असमंजस बनाए रखना और फिर गिरफ्तार करना? यह सिर्फ़ अपमानित करने की कोशिश है। मैं ऐसी कार्यवाही की निंदा करता हूं।”
बड़ा सवाल: जब ‘राजीनामा’ हो गया, तो 2 साल बाद अचानक एक्शन क्यों ?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सागर पुलिस की टाइमिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब मामला 2024 का था, तो पुलिस दो साल तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी रही? सर्वजीत सिंह के करीबियों का कहना है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पक्ष से ‘राजीनामा’ (समझौता) हो चुका था और पुलिस को इसकी भनक थी। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक उठाया गया। इधर इस एक्शन के बाद लोधी क्षत्रिय समाज में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर समाज के लोग एकजुट हो रहे हैं और पुलिस के खिलाफ बड़ा आंदोलन छिड़ सकता है।
एसडीओपी बोले, “मेरे समय का मामला नहीं…”
जब 2 साल की देरी पर खुरई के एसडीओपी प्रवीण अस्थाना से सवाल किए गए, तो उन्होंने साफ पल्ला झाड़ लिया। उनसे पूछा गया कि”सर्वजीत सिंह लोधी को दो साल तक क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता क्योंकि मेरी पोस्टिंग हाल ही में हुई है। यह पुलिस की रूटीन कार्रवाई है।”
क्या था वो ‘सौरभ ढाबा’ का पूरा मामला
बांदरी थाना प्रभारी सुमेर जगेत के मुताबिक, यह मामला साल 2024 का है जब बांदरी स्थित ‘सौरभ ढाबा’ पर करीब 8 लोगों ने जमकर तांडव मचाया और तोड़फोड़ की थी।फायरिंग और सब-इंस्पेक्टर पर हमला: आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत सिंह ने वहां फायरिंग की थी। घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी न सिर्फ तोड़फोड़ कर रहे थे, बल्कि मौके पर पहुंचे एक सब-इंस्पेक्टर से अभद्रता भी कर रहे थे। फायरिंग में सब-इंस्पेक्टर बाल-बाल बचे थे। पुलिस के मुताबिक, मामले में दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। 
05/07/2026



