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विवि: विदाई पर भी नहीं बदले प्रो. मिश्र के तेवर, पूर्व कुलपति के फैसले की उड़ाई धज्जियां

दिन भर चर्चा में रहा लाइब्रेरी एंड इन्फार्मेशन साइंस विभाग के पूर्व हेड का रिटायरमेंट समारोह

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र कुमार मिश्र ने मंगलवार को अपने विदाई समारोह में भी अपने तेवर नहीं बदले। विदाई की भावुकता के बीच प्रो. मिश्र का यह अंदाज चर्चा का विषय तब बन गया, जब उन्होंने विवि की पूर्व कुलपति डॉ. नीलिमा गुप्ता का नाम लिए बगैर उनके अदूरदर्शी और मनमानीपूर्ण फैसलों पर खूब निशाना साधा।

‘लाइब्रेरी साइंस विभाग को सीधे श्मशान घाट भेज दिया’

सभागार में मौजूद साथी टीचर्स व विद्यार्थियों, एल्युमिनाइज को संबोधित करते हुए प्रो. मिश्र ने तल्ख लहजे में कहा कि विश्वविद्यालय के दूरदर्शी संस्थापक डॉ. हरीसिंह गौर ने वर्ष 1946 में इस विभाग की बुनियाद इसलिए रखी थी क्योंकि यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी ही यहाँ के विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी प्रयोगशाला (प्रैक्टिकल लैब) थी। लेकिन पूर्व कुलपति के एक तुगलकी फरमान ने इस फलते-फूलते विभाग को सीधे ‘श्मशान घाट’ की तरफ धकेल दिया। दरअसल, बीते साल इस विभाग को जाट पथरिया रोड स्थित वैली कैंपस में शिफ्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि नई बिल्डिंग्स बनने से पहले इस पूरे इलाके में वास्तव में गाँव का श्मशान घाट हुआ करता था। इस नए ठिकाने से सेंट्रल लाइब्रेरी की दूरी करीब 3 किलोमीटर हो गई है, जिससे छात्र-छात्राओं का प्रैक्टिकल बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

पेंशन-स्वत्वों की परवाह छोड़ दिखाई बेबाकी

आमतौर पर देखा जाता है कि लोग रिटायरमेंट के चंद महीनों पहले से ही कुलपति और प्रशासनिक अफसरों की ‘जी-हुजूरी’ में लग जाते हैं, ताकि उनके पेंशन, जीपीएफ और अर्जित अवकाश के नकदीकरण की फाइलें बिना किसी अड़चन के पास हो सकें। लेकिन प्रो. मिश्र ने इन सब की रत्ती भर परवाह न करते हुए, यूनिवर्सिटी प्रशासन के गलत फैसलों का पूरी शिद्दत से हमला बोला। उनके इस साहसिक और बेबाक भाषण की गूंज विश्वविद्यालय के गलियारों पूरे दिन रही।

सागर ही रहेगा नया ठिकाना हमले जारी रहेंगे !

एक खबर यह भी है कि प्रो. मिश्र अपनी सेवानिवृत्ति के बाद अपने गृह राज्य ओडिशा लौटने के बजाय अब सागर को ही अपना स्थाई बसेरा बना रहे हैं। गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अब वे बिना किसी पद के बंधन के, विश्वविद्यालय में होने वाली हर प्रशासनिक गड़बड़ी और तानाशाही के खिलाफ और भी मुखरता से अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।

भावपूर्ण अभिनंदन और ‘विज़नरी टीचर’ का सम्मान

इस तीखे वैचारिक प्रहार के समानांतर, विभाग के पूर्व एवं वर्तमान छात्रों द्वारा अभिमंच सभागार (यूटीडी) में एक बेहद भव्य और गरिमामय सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया था। इस मौके पर वर्तमान कुलपति प्रो. वायएस ठाकुर और अन्य वरिष्ठ विद्वानों प्रो. ए. पी. दुबे, प्रो. पी. पी. सिंह, प्रो. जे. के. जैन ने प्रो. मिश्र को एक “Visionary Teacher” करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया, बल्कि हजारों विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मकता और नेतृत्व का पाठ पढ़ाकर उनके जीवन को एक मुकम्मल दिशा दी। इस भावुक और यादगार लम्हे के दौरान प्रो. मिश्र को जहां मौजूद शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट देककर सम्मानित किया गया। वहीं पूर्व और वर्तमान छात्रों ने नम आँखों से अपने इस फेवरिट टीचर को सम्मान स्वरूप एक ईवी वाहन भेंट किया।……9425172417

30/06/2026

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