भाग्योदय तीर्थ ट्रस्ट में हो रहा है “काला धन” जमा! बीएमसी के डॉक्टर ने लगाए आरोप
भाग्योदय प्रबंधन ने कहा, प्रो. जैन अपना विजिटिंग चार्ज बढ़वाने के लिए लगा रहे हैं आधारहीन आरोप

सागर। जिले में एक चिकित्सा विशेषज्ञ ने एक धार्मिक एवं बड़े चैरिटेबल ट्रस्ट के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सर्वेश जैन ने ‘भाग्योदय तीर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट’ पर वित्तीय अनियमितताओं और काला धन जमा करने के गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने इस शिकायत की प्रति इनकम टैक्स विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को भी भेजी है, ताकि ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की उच्च स्तरीय जांच हो सके। यहां बता दें कि शिकायतकर्ता डॉ. सर्वेश जैन का इस संस्थान से पुराना नाता रहा है; उनकी वे स्वयं और पत्नी भाग्योदय अस्पताल में लंबे समय तक डॉक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर डॉ. जैन का दावा है कि उन्होंने संस्थान की कार्यप्रणाली को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में तीखा हमला करते हुए कहा कि ट्रस्ट अपने निर्धारित उद्देश्यों में विफल रहा है और यहाँ दान में मिले काले धन को छोटी-छोटी रसीदों के जरिए खपाया जा रहा है, जो कि ‘महापाप’ की श्रेणी में आता है। उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि रसूख के दम पर ‘साफ-सुथरी’ रिपोर्ट बनवा लेना आसान है, जिससे असल विसंगतियां छिप जाती हैं। डॉ. जैन ने कलेक्टर से मांग की है कि ‘मध्य प्रदेश पब्लिक ट्रस्ट एक्ट (1951)’ के तहत शक्तियों का प्रयोग कर इस ट्रस्ट की संपत्तियों को किसी अन्य पारदर्शी ट्रस्ट में स्थानांतरित किया जाए।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया आधारहीन
दूसरी ओर, इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए भाग्योदय अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर शुभम कोठारी ने डॉ. सर्वेश जैन के दावों को पूरी तरह निराधार और निजी स्वार्थ से प्रेरित बताया है। कोठारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि डॉ. जैन ये तमाम आरोप महज इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि वह अपने ‘विजिटिंग चार्ज’ के भुगतान में कुछ हजार रुपयों की वृद्धि चाहते थे। उन्हें नियमानुसार चेक के माध्यम से भुगतान किया गया था, लेकिन अपनी मांग पूरी न होते देख उन्होंने यह रास्ता अपनाया है। कोठारी ने सवाल उठाया कि यदि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में वाकई कोई खामी थी, तो डॉ. जैन और उनकी पत्नी ने वर्षों तक वहां सेवाएं देते समय आवाज क्यों नहीं उठाई? प्रबंधन के अनुसार, इतने वर्षों तक लाभ लेने के बाद अब अचानक वित्तीय अनियमितताओं की बात करना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
17/04/2026……9425172417



