मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर को दी ‘ज्ञानवीर’ और आधुनिक ग्रंथालयों की सौगात
सुरखी को मिली दो लाइब्रेरी की मंजूरी

सागर। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती पर विकास के कारवां को गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सागर में शिक्षा, खेल और संस्कृति के संगम का नेतृत्व किया। अवसर था ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के भव्य लोकार्पण का, जहाँ मुख्यमंत्री ने न केवल शिक्षा के नए मंदिर का द्वार खोला, बल्कि राहतगढ़ और जैसीनगर के युवाओं के लिए आधुनिक ग्रंथालयों (डिजिटल लाइब्रेरी) की घोषणा कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
शिक्षा, एआई: भविष्य के भारत की नींव
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता-पिता की स्मृति में शिक्षा संस्थान बनाना हमारी संस्कृति की श्रेष्ठ पहचान है। उन्होंने गर्व से उल्लेख किया कि भारत आज न केवल पारंपरिक शिक्षा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। डॉ. हरीसिंह गौर के त्याग को याद करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा के नए द्वार खोले हैं।
सुरखी को मिली दो लाइब्रेरी की मंजूरी
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकृति देते हुए सुरखी विधानसभा के राहतगढ़ और जैसीनगर में भव्य एवं आधुनिक पुस्तकालय खोलने की घोषणा की। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सागर अब उन चुनिंदा शहरों में है जहाँ केंद्रीय और राजकीय विश्वविद्यालयों के साथ मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके पूर्व विवि के कुलाधिपति आदित्य सिंह राजपूत ने स्वागत भाषण देकर विवि की स्थापना की पृष्ठभूमि के बारे में बताया।
सीएम ने “शिक्षा मंत्री के रूप में रखी थी नींव”
समारोह को संबोधित करते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति भावुक आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को सागर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला बताया। मंत्री राजपूत ने पुरानी यादें साझा करते हुए कहा, “आज का दिन बेहद सौभाग्यशाली है। मुझे याद है कि ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की फाइल पर डॉ. मोहन यादव जी ने तभी हस्ताक्षर कर इसकी प्रक्रिया शुरू कराई थी, जब वे प्रदेश के शिक्षा मंत्री थे। आज उन्हीं के हाथों इसका लोकार्पण होना एक सुखद संयोग है।” उन्होंने आगे कहा कि सागर अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज की त्रिवेणी बह रही है। मंत्री की मांग पर मुख्यमंत्री ने तत्काल राहतगढ़ और जैसीनगर में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी (ग्रंथालय) खोलने की स्वीकृति भी मंच से प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने मंच से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाली सागर की बेटी आयुषी अग्रवाल को सम्मानित किया। आयुषी ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 425 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता है। साथ ही, उन्होंने आकाश सिंह राजपूत द्वारा आयोजित ऐतिहासिक क्रिकेट प्रतियोगिता (जिसमें 10,000 खिलाड़ियों ने भाग लिया) की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बुंदेलखंड के विकास के लिए स्वीकृत 27 हजार करोड़ रुपये के कार्य इस क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगे।
मंच पर मौजूद रहे बुंदेलखंड के दिग्गज नेता
इस गरिमामयी अवसर पर प्रदेश और जिले का शीर्ष नेतृत्व एक साथ मंच पर नजर आया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे राजेंद्र शुक्ल उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गोपाल भार्गव पूर्व मंत्री एवं रहली विधाय भूपेंद्रसिंह पूर्व मंत्री एवं खुरई विधायक शैलेंद्र जैन (सागर), प्रदीप लारिया (नरयावली), ब्रज बिहारी पटेरिया (देवरी), वीरेंद्र सिंह लोधी (बंडा), श्रीमती निर्मला सप्रे (बीना) जि.पं. अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, महापौर संगीता तिवारी, गौरव सिरोठिया, गौरव रणदिवे, आकाश सिंह राजपूत और प्रशासनिक अधिकारी।
11/03/2026



