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रहस मेला: आज इतिहास और विकास के संगम के साक्षी बनेंगे मुख्यमंत्री डॉ.यादव

वरिष्ठतम विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव की मेजबानी में  मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे क्षेत्र में करोड़ों रुपए की सौगातों का ऐलान

सागर। बुंदेलखंड की माटी का गौरव और शौर्य का प्रतीक ‘गढ़ाकोटा रहस लोकोत्सव-2026’ इस बार केवल एक मेला नहीं, बल्कि बदलते मध्यप्रदेश की समृद्ध तस्वीर पेश करने जा रहा है। 26 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस 217वें रहस मेले में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह आयोजन राजा मर्दन सिंह जूदेव की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास पुरुष पूर्व मंत्री व राज्य के वरिष्ठतम विधायक गोपाल भार्गव के ‘विजन’ का एक ऐसा संगम है, जो रहली विधानसभा सहित पूरे बुंदेलखंड की तस्वीर बदल रहा है।

इतिहास के पन्नों में छिपा ‘रहस’ का रहस्य

​सन् 1809 में शुरू हुए इस मेले का इतिहास अत्यंत रोमांचक है। वीर बुंदेला महाराज के पौत्र राजा मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण की स्मृति में इसकी नींव पड़ी थी। उस दौर में यह मेला अंग्रेजों की आंखों में धूल झोंकने का एक बड़ा जरिया था। पशुओं की खरीद-बिक्री के बहाने विभिन्न रियासतों के राजा यहाँ एकजुट होते थे और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ सैन्य रणनीतियां तैयार करते थे। मेले के भीतर छिपे इसी राजनैतिक और रणनीतिक ‘रहस्य’ के कारण इसका नाम ‘रहस मेला’ पड़ा। आज 217 साल बाद भी यह परंपरा अपने पूरे वैभव के साथ कायम है।

सिंचाई का ‘नर्मदा-सुनार’ संगम, क्षेत्र के लिए वरदान

​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मंच से बुंदेलखंड के किसानों के लिए सिंचाई की उन योजनाओं का रोडमैप साझा करेंगे, जिन्हें वरिष्ठतम विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के प्रयासों से गति मिली है। सुनार नदी को नर्मदा से जोड़ने की ऐतिहासिक स्वीकृति ने क्षेत्र के जल संकट को जड़ से खत्म करने की बुनियाद रखी है।

 

सिंचाई परियोजनाओं का जाल

कोपरा, आपचंद, कैथ और मिडवासा जैसी मध्यम सिंचाई परियोजनाओं से रहली और आसपास के हजारों हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुँचाने का संकल्प अब धरातल पर है। कोपटरा मध्यम परियोजना को केन-बेतवा लिंक से जोड़ने की स्वीकृति ने बुंदेलखंड के कृषि परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी है। ​​रहली विधानसभा में शहरी और ग्रामीण विकास की जो इबारत लिखी गई है, उसकी गूंज इस लोकोत्सव में सुनाई देगी। सागर-गढ़ाकोटा-दमोह मार्ग को ‘फोरलेन’ की स्वीकृति मिलना इस क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए गेमचेंजर साबित हुआ है। 

भावांतर और उड़द प्रोत्साहन योजना 

किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए सरकार ने प्राइस सपोर्ट स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू किया।

आजीविका मिशन का उजियारा ग्रामीण और शहरी आजीविका मिशन के जरिए हजारों महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें लखपति दीदी बनाने का अभियान यहाँ अपनी सफलता की कहानी कह रहा है।

सिंगल क्लिक से सामाजिक सुरक्षा का सुरक्षा कवच

​इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक महत्वपूर्ण घोषणा के साथ प्रदेश के लाखों हितग्राहियों के जीवन में खुशहाली लाएंगे। वे सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत प्रदेश भर के वृद्धों, विधवाओं (कल्याणी) और दिव्यांगजनों के खातों में कुल 196.72 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित करेंगे। सागर जिले के लिए यह विशेष क्षण होगा, क्योंकि यहाँ के 2,00,688 लाभार्थियों को सीधे 12.03 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

जन-जन की सहभागिता की अपील

​क्षेत्रीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने इस आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि रहस मेला हमारी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों और आजीविका समूहों की बहनों से अपील की है कि वे 26 फरवरी को सुबह 11 बजे रहस मैदान पहुँचकर इस ऐतिहासिक सम्मेलन का हिस्सा बनें।

9425172417

25/02/2026

 

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