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मैं तो कहता हूं समाज तय करे कहां लगे महाराणा की प्रतिमा: हीरासिंह राजपूत

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सागर। मंगलवार को क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष लखनसिंह बामोरा ने एक लंबी चिट्ठी समाजजन को भेजी थी। इसमें उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया था कि जिला पंचायत अध्यक्ष हीरासिंह राजपूत शूरवीर महाराणा प्रताप की प्रतिमा की स्थापना में अड़चनें डाल रहे हैं। ये प्रतिमा खेल परिसर के मैदान के बाहर स्थापित होना प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने इस मामले में नगर निगम कमिश्नर राजकुमार खत्री की भूमिका को भी घेरे में लिया था। बुधवार को इस मामले में जिपं अध्यक्ष राजपूत ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय, ठाकुर, राजपूत तो ठीक कोई भी समाज का आदमी ये नहीं चाहेगा कि मुगलों से लोहा लेने वाले महाराणा प्रताप की मूर्ति नगर निगम कार्यालय के सामने किसी चौकीदार की तरह लगाई जाए।

मेरा सुझाव है कि इस महामना की मूर्ति को आईजी बंगला के सामने स्थापित किया जाए। यह एक ऐसा स्थान है जहां पर्याप्त जगह है। लोग रुकें और देश के गौरव को याद करें। नौजवान उनसे मातृ भूमि से प्रेम की प्रेरणा लें। इसके बाद भी ठीक ना लगे तो स्थान बदल दें। लेकिन ये सब हीरासिंह राजपूत या लखन सिंह बामोरा तय नहीं करेंगे। ये क्षत्रिय और गैर- क्षत्रिय समाज तय करेंगे। क्योंकि वीर महाराणा प्रताप कोई अकेले राजपूत-क्षत्रिय के आराध्य नहीं हैं। वे पूरे भारतवर्ष के प्रेरणास्रोत हैं। आगे राजपूत बोले कि शहर में बुंदेलखंड केशरी महाराजा छत्रसाल की भी मूर्ति लगी है। पूछो तो लोगों को पता ही नहीं है।

आरोप: महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना में अड़चन बने हीरासिंह राजपूत और नगर निगम कमिश्नर खत्री

मैं बताता हूं कि ये प्रतिमा विजय टॉकीज तिराहा पर एक ऐसी जगह पर प्रतिष्ठित है। जहां उसे होना ही नहीं चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखकर कुछ जनपद, जिला पंचायत, मंडी सदस्य हमारे पास आए। उन्होंने कहा कि महाराणा की मूर्ति भी इसी तर्ज पर स्थापित हो रही है। तब मैंने समाजजनों की इच्छा को देखते आईजी ऑफिस के सामने वाली जगह सुझाई। इसके बाद भी मैं एक बार फिर कहता हूं कि क्षत्रिय महासभा साथ बैठे और नया स्थान तय कर ले। यह प्रतिमा लाखा बंजारा झील या बस स्टैंड पर भी स्थापित हो सकती। और कोई बेहतर स्थान हो तो उस पर भी विचार किया जाए। ननि कमिश्नर खत्री द्वारा मूर्तिकार को राशि जारी नहीं करने के मामले में राजपूत ने कहा कि मैं कभी इस तरह की दखलंदाजी में नहीं पड़ता। कमिश्नर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। इसी मामले में क्षत्रिय समाज सागर के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हरीरामसिंह ठाकुर ने भी बयान दिया है। उनका कहना है कि मूर्ति वहीं स्थापित होगी। जहां समाज के लोग चाहेंगे। लेकिन इसको लेकर किसी पर व्यक्तिगत आक्षेप लगाना ठीक नहीं है।

09/04/2025

 

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