सहकारिता निरीक्षक ट्रेप, राशन दुकानदार से 6000 रु. की रिश्वत मांगने का आरोप
लोकायुक्त पुलिस ने सहकारिता निरीक्षक की स्कूटी की डिग्गी से जब्त की रिश्वत की रकम,राशन दुकान पर बेचे गए अनाज की कमीशन की राशि निकालने की एवज में मांगी थी रिश्वत

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सागर। लोकायुक्त विशेष पुलिस ने शहर के एक सहकारिता निरीक्षक प्रभाकर कंड्या को 6000 रु. की रिश्वत मांगने के आरोप में ट्रेप किया है। कंडया के खिलाफ मोतीनगर वार्ड स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन रोहित दुबे ने लिखित शिकायत की थी। निरीक्षक कंड्या इस युवक से यह राशि उसके द्वारा दुकान से बेचे गए राशन के कमीशन 65 हजार रु. की 10 प्रतिशत राशि 6500 रु. मांग रहे थे। बाद में दोनों के बीच रिश्वत के लेन-देन की रकम 6 हजार रु. तय हुई।
इधर सेल्समैन दुबे यह राशि नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने लोकायुक्त कार्यालय सागर, में शिकायत कर दी। जिसकी पुष्टि करने के बाद लोकायुक्त निरीक्षक रंजीतसिंह के नेतृत्व में एक टीम ने निरीक्षक प्रभाकर कंड्या को उनके एसपी ऑफिस के सामने स्थित सहायक आयुक्त, सहकारिता विभाग के कम्पाउंड से दबोच लिया।
स्कूटी की डिग्गी में राशि रखवाई, चाबी देने में आनाकानी
निरीक्षक कंड्या रिश्वत की इस रकम को लेने के लिए कुछ-कुछ अलर्ट थे। इसके बावजूद वह धरे गए। लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार उन्होंने रिश्वत की रकम सेल्समैन दुबे से अपने ऑफिस में नहीं ली। वे उसे ऑफिस के बाहर ले आए और स्कूटी की डिग्गी खोलकर बोले, इसमें रकम रख दो। इसके बाद उन्होंने डिग्गी लॉक कर दी।
इधर आसपास फैले लोकायुक्त पुलिस दल में शामिल निरीक्षक अभिषेक वर्मा, केपीएस बैन, आरक्षक अरविंद नायक व सुरेंद्रप्रतापसिंह ने उनका ये लेन-देन पूर्ण होता देख तुरंत उन्हें घेर लिया।
निरीक्षक रंजीतसिंह ने कंडया को अपना परिचय दिया और स्कूटी की डिग्गी खुलवाने के लिए कहा। जिसके लिए कंड्या तैयार नहीं हुए। वह बोलने लगे कि, मैं आप लोगों के कहने पर क्यों स्कूटी की डिग्गी खोलूं। नियम-कानून की बात करने लगे। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने कहा कि अगर आप कार्रवाई में सहयोग नहीं करेंगे तो हमें दूसरे कानूनी उपाय अपनाने होंगे। इसके बाद कंड्या स्कूटी की डिग्गी खोलने को राजी हो गए। जिसमें से निकले 6 हजार रु. लोकायुक्त पुलिस की टीम ने जब्त कर कंड्या के खिलाफ पंचनामा की कार्रवाई की।
पिता से बोले, जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूं कि मैं ट्रेप हो गया
घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद जाने-माने समाजसेवी और प्रभाकर के पिता सुभाष कंड्या भी मौके पर पहुंच गए। यहां उन्होंने पूरा वाकया जाना। मीडिया से चर्चा में कहा कि मेरे बेटे को कोई दोष नहीं है। किसी व्यक्ति ने उसकी गाड़ी की डिग्गी में राशि रख दी और लोकायुक्त से ट्रेप करा दिया। इधर पिता को देख प्रभाकर कंड्या भावुक हो गए। वे बोले मैंने अपनी और पूरे परिवार की इज्जत खराब कर दी।
वह बार-बार दोहरा रहे थे कि ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूं कि मैं ट्रेप हो गया हूं। लोकायुक्त निरीक्षक सिंह ने कंड्या के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
26/11/2024



