
सागर। जिले की शराब दुकानों की नीलामी में ‘सब्जी मंडी’ जैसे हालात बनने के बाद अब राज्य शासन ने यू-टर्न लिया है। आरक्षित मूल्य से 40% तक कम बोली लगाने वाले ठेकेदारों को झटका देते हुए सरकार ने सभी 14 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को होल्ड कर दिया है। राजस्व को होने वाले भारी नुकसान को देखते हुए आबकारी विभाग ने अब इन दुकानों के लिए 12वें चरण की नई निविदाएं आमंत्रित की हैं।
सरकार को साल-दर-साल घाटे का भय !
पिछले चरण में कर्रापुर जैसी 10.35 करोड़ की दुकान के लिए महज 1.99 करोड़ और गुजराती बाजार के लिए मात्र 4.55 करोड़ की बोलियां आई थीं। शासन का मानना है कि इतनी कम कीमतों पर ठेके पर देना साल-दर- साल राजस्व आय के घाटे का आधार बन जाएगा। अधिकतम लाइसेंस फीस वसूलने के उद्देश्य से अब नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जैसे 70% से नीचे बोली पर पाबंदी लगाई गई है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आरक्षित मूल्य से अधिकतम 30% नीचे तक ही बोली स्वीकार की जाएगी। यानी किसी भी स्थिति में 70% से कम का ऑफर सिस्टम स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि जिन ठेकेदारों की बोलियां 10वें और 11वें चरण में आरक्षित मूल्य के 80% से नीचे होने के कारण होल्ड की गई हैं, उन्हें दोबारा ईएमडी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। राजस्व बढ़ाने के लिए जिला समिति अब आबकारी आयुक्त की अनुमति से समूहों का पुनर्गठन भी कर सकेगी, ताकि कम आकर्षण वाली दुकानों को मुनाफे वाले समूहों के साथ जोड़ा जा सके। इस बार नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, इसमें ‘ऑक्शन’ (बोली लगाना) की प्रक्रिया शामिल नहीं होगी। सरकार के नए रुख के बाद अब ठेकेदारों के बीच फिर से हलचल तेज हो गई है। अब उन्हें अपनी रणनीति बदलकर आरक्षित मूल्य के करीब आना होगा।
इन 14 दुकानों की फिर होगी नीलामी
1.गुजराती बाजार 2. गुरु गोविंद सिंह वार्ड .3 सिविल लाइन 4. कर्रापुर 5.जमुनिय 6.बीना इटावा 7.रहली-2, 8.मधुकरशाह वार्ड, 9.जवाहरगंज 10.बलेह 11. गढ़ाकोटा-1 12. गढ़ाकोटा-2 13. राहतगढ़-1 14. राहतगढ़-2
02/03/2026
9425172417



