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गुटखा-सिगरेट की कालाबाजारी तेज, ‘पुराने स्टॉक’ पर वसूल रहे मनमाने दाम

शौकीनों को शराब के बाद अब सिगरेट, पान मसाला भी प्रिंट रेट से ज्यादा में मिल रहे

सागर। केंद्र सरकार द्वारा तंबाकू उत्पादों और पान मसाला पर लागू किए गए नए टैक्स स्ट्रक्चर का असर अब सागर के बाजारों में भी साफ तौर पर दिखने लगा है। 1 फरवरी 2026 से प्रभावी हुए नए नियमों के तहत जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर की जगह नए उत्पाद शुल्क और उपकर ने ले ली है। हालांकि, सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना था, लेकिन सागर के थोक व्यापारियों ने इसे ‘अवसर’ में तब्दील कर दिया है। शहर के कटरा बाजार, नमकमंडी और उपनगर मकरोनिय में गुटखा, तंबाकू और सिगरेट की कीमतों में आग लगी हुई है। कीमतों पर नियंत्रण व पारदर्शिता के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में ठीक उसी तरह से आंखें मूंदे हुए हैं, जैसे वे पूरे साल ओवर रेट में बिकती रही शराब के मामले में करते रहे।

पुराने स्टॉक पर मुनाफे की ‘जुगाड़’

हैरानी की बात यह है कि बाजार में अभी तक नए प्रिंट रेट वाले पैकेट नहीं आए हैं, लेकिन थोक व्यापारियों ने पुराने स्टॉक पर ही 30 से 40 प्रतिशत तक की अवैध वसूली शुरू कर दी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में ही संसद से दो विधेयकों को मंजूरी दिला दी थी, जिसके बाद चबाने वाले तंबाकू और गुटखा पर 40 प्रतिशत तक टैक्स वृद्धि की संभावना बन गई थी। सागर के बड़े स्टॉकिस्टों ने इस आहट को भांपते हुए जनवरी के पहले हफ्ते में ही पुराने रेट पर भारी मात्रा में स्टॉक जमा कर लिया था। अब वही पुराना माल नई दरों का हवाला देकर महंगे दामों पर फुटकर दुकानदारों को थमाया जा रहा है।

फुटकर दुकानदार और ग्राहक के बीच बढ़ी तकरार

पड़ताल में सामने आया है कि जो पान मसाला पाऊच पहले 5 रुपये में मिलता था, उसके दाम अब 20 रुपये में तीन पाऊच तक पहुँच गए हैं। इसी तरह सिगरेट का 55 रुपये वाला पैकेट 70 रुपये और 150 रुपये वाली सिगरेट की डिब्बी 180- 190 रुपये तक में बेची जा रही है। इसका सीधा असर गुटखा- सिगरेट का सेवन करने वालों की पॉकेट पर पड़ रहा है। सागर के स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि थोक व्यापारी उन्हें बढ़े हुए भाव पर माल दे रहे हैं। इसलिए वह भी बढ़े हुए दामों पर गुटखा- सिगरेट बेचने को मजबूर हैं। हालांकि इस वजह से रोजाना ग्राहकों तीखी नोकझोंक और बहस भी हो रही है। कुछ दुकानदारों ने तो घाटे के डर से गुटखा और सिगरेट बेचना ही बंद कर दिया है।

उधार माल देना बंद, नकद में भी ओवर रेट

पान, गुटखा बेचने वाले दुकानदारों के अनुसार थोक कारोबारी हम लोगों पर दोहरी आर्थिक मार कर रहे हैं। एक तरफ वे उधार माल नहीं दे रहे। जैसे – तैसे नकद राशि दो तो माल महंगा दे रहे हैं। अधिकांश थोक सिगरेट व पान मसाला, गुटखा व्यापारियों ने बड़ी तादाद में माल शहर के अलग- अलग इलाकों में स्टॉक कर लिया है। इन हालात को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट अमन मिश्रा का कहना है कि अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी अधीनस्थ अमले से हालात की जानकारी ली जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन के बाद कार्रवाई भी करेंगे।

-9425172417

25/02/2026

 

 

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