चर्चित
Trending

न्यु ईयर अलर्ट: घर के भीतर ”जाम” छलकाने के देने होंगे 500 रु.,

इंवेट, फंक्शन में बिना लाइसेंस ''चीयर्स" से हो सकती है परेशानी

सागर। अगर आप नए साल के जश्न में या शहर के किसी मैरिज गार्डन में अपनी पसंदीदा ब्रांड की बोतल खोलने का मन बना रहे हैं, तो रुकिए! अपनी जेब और कानूनी दस्तावेजों को जरा गौर से देख लीजिए। आबकारी विभाग ने अब ”जाम” छलकाने के शौकीनों के लिए नियम जारी कर दिए हैं कि बिना सरकारी पर्ची (लाइसेंस) के एक घूंट भी आपको हवालात की हवा खिला सकता है। हाल ही में जारी सर्कुलर के अनुसार, विभाग ने एफएल-5 (आकस्मिक लाइसेंस) की दरों और नियमों को सार्वजनिक किया है। मजेदार बात यह है कि आबकारी विभाग अब तक इन नियमों को ‘ ”तिजोरी” में बंद करके रखता था, पर अब सख्त निर्देश हैं कि अवैध ढंग से शराब परोसने वालों पर शिकंजा कसा जाए।

लाइसेंस की नई रेट लिस्ट, घर से लेकर बड़े जलसों तक

आबकारी विभाग ने पहली बार वाणिज्यिक आयोजनों के लिए भारी-भरकम फीस का स्लैब पेश किया है। अब तक पहले तीन स्लैब तो चर्चा में थे, लेकिन अब दो नई कैटेगरी ऐसी जुड़ी हैं कि आयोजकों को अपना नफा-नुकसान दोबारा देखना होगा। खैर, अगर आप अपने घर के भीतर या लॉन, छत पर चंद दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे हैं, तो इसके लिए 500 रु. जमा कर एक दिनी लाइसेंस लेना होगा। अगर शादी-ब्याह, जन्म, एनिवर्सरी जैसा आयोजन आप किसी मैरिज हॉल में कर रहे हैं तो इसके लिए 5000 रु. फीस लगेगी। जबकि लॉजिंग-बोर्डिंग व भोजन परोसने की सुविधा देने वाले होटल, रेस्टोरेंट के लिए यही एक दिनी लाइसेंस 10 हजार रु. में मिलेगा।

इवेंट्स के लिए 50 हजार रु. से 2 लाख तक रहेगी फीस

आबकारी विभाग ने बड़े आयोजनों (कमर्शियल इवेंट्स) को भी नहीं बख्शा है। सागर समेत पूरे प्रदेश में होने वाले बड़े संगीत कार्यक्रमों या इवेंट्स के लिए नई दरें लागू की गई हैं। अगर कार्यक्रम में अधिकतम 500 लोग तक आ रहे हैं तो 25 हजार रु., 500 से 1 हजार तक लोग आ रहे हैं तो 50 हजार रु., एक हजार से दो हजार तक 75 हजार और 2,000 से 5,000 लोग आ रहे हैं, तो आपको 1 लाख रुपये की लाइसेंस फीस देनी होगी। अगर भीड़ 5,000 से ज्यादा है, तो यह फीस सीधे 2 लाख रुपये प्रतिदिन हो जाएगी। यह पहली बार है जब विभाग ने इतनी बड़ी रकम वाली कैटेगरी को आधिकारिक तौर पर शामिल किया है।

सिर्फ नए साल के लिए नहीं, सदाबहार है ये नियम

अक्सर लोग समझते हैं कि ये पाबंदियां सिर्फ 31 दिसंबर के लिए हैं। लेकिन सच ये है कि यह व्यवस्था साल के 365 दिन लागू रहती है। आप किसी भी तारीख को पार्टी करें, आपको आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ओटीपी के जरिए अपना लाइसेंस जेनरेट करना होगा। जानकारों का कहना है कि इस पूरी कवायद के पीछे सरकार का असली मकसद लोगों को उन असुरक्षित और अवैध ठिकानों से दूर रखना है जहाँ छिप-छिपाकर शराब परोसी जाती है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि केवल उन्हीं होटलों या ढाबों पर शराब का सेवन करें जिन्हें विभाग ने अनुमति दी है। आबकारी विभाग की टीमें अब होटलों और ढाबों पर औचक निरीक्षण करेंगी। अगर आप बिना लाइसेंस वाले परिसर में “गिलास” टकराते पकड़े गए, तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

27/12/2025

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!