विधायक के सामने बड़ी-बड़ी बातें की स्टोर-आउटलेट संचालकों ने अगले दिन फिर दिखी अवैध पार्किंग
सीएमओ शर्मा ने कहा सुधार दिखाई देगा, वरना सील-अर्थदंड की कार्रवाई करेंगे

sagarvani.com9425172417
सागर। दो दिन पहले बुधवार को नरयावली विस क्षेत्र से वरिष्ठ विधायक प्रदीप लारिया एक बैठक ली थी। जिसमें मकरोनिया चौराहा पर ट्रैफिक व पार्किंग को सुव्यवस्थित करने स्थानीय स्टोर व आउटलेट संचालकों ने बड़ी-बड़ी बातें और सुझाव पेश किए थे। लग रहा था कि चौराहे की व्यवस्था में कुछ सुधार होगा। लेकिन यह क्या….? इस बैठक के चंद घंटे बाद ही गुरुवार को बातें और सुझाव देने वाले उन्ही स्टोर आउटलेट संचालकों के सामने ही अवैध पार्किंग देखी गई। खास बात यह रही कि मकरोनिया नगर पालिका सीएमओ पवन शर्मा ने भी इस अव्यवस्था को मौके पर जाकर देखा। उन्होंने नरसिंहपुर रोड स्थित एक आउटलेट के संचालक को ताकीद किया कि अगले कुछ दिन के भीतर वह ग्राहकों के वाहन बेसमेंट पार्किंग में खड़े कराएं। वरना स्टोर को सील कर दिया जाएगा। बता दें कि वरिष्ठ विधायक लारिया ने नपा अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार व पार्षदों की मौजूदगी में स्टोर व आउटलेट संचालकों की एक बैठक ली थी। जिसमें निर्णय लिया गया कि मकरोनिया चौराहा के 200 मीटर के दायरे में अवैध पार्किंग तत्कान प्रभाव से बंद की जाएगी। स्टोर व आउटलेट संचालकों को अपनी प्राइवेट पार्किंग में वाहन खड़े करवाना होंगे।
बैठक में एक-दूसरे को घेरने का प्रयास, कार्रवाई – टलवाने की भी कोशिश
सूत्रों के अनुसार कुछ स्टोर व आउट लेट संचालकों ने बैठक में सकारात्मक सुझाव दिए। जबकि कुछ ऐसे भी थे। जो 200 मीटर के दायरे से बाहर संचालित हो रहे आउटलेट, शॉपिंग कॉम्पलेक्स व आउटलेट में कमियां गिनाने लगे। इसके पीछे उनका उद्देश्य यह था कि नगर पालिका प्रशासन का ध्यान, चौराहे के प्रमुख आउटलेट्स व स्टोर्स से हट जाए। चूंकि इस तरह की मुहिम चंद दिन की ही होती हैं, इसलिए जब तक नपा प्रशासन चौराहे तक आएगा। तब तक सब ज्यों का त्यों हो जाएगा।
पहले नक्शे के विरुद्ध निर्माण होने दिया, दंडित करने से भी बच रहे
मकरोनिया चौराहा की चारों रोड पर बेतरतीब पार्किंग को लेकर “सागरवाणी” बीते महीनों में लगातार ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित कर करता है। जिसके मुताबिक यहां के यातायात पार्किंग की अव्यवस्था के लिए मुख्य रूप से नगर पालिका प्रशासन उत्तरदायी है। जिसने नक्शा व नियमों के विरुद्ध बन रहे आउटलेट व स्टोर के व्यवसायिक भवनों के निर्माण को नहीं रोका। यही नहीं, इन स्टोर में से किसी में भी टीएंडसीपी व नगर पालिका एक्ट 1956 के मुताबिक फायर फाइटर्स एवं आपातकालीन द्वार नहीं बनाए गए हैं। नियमानुसार इस मामले में इन स्टोर व आउटलेट्स के भवन स्वामियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इन कमियों को पूरा नहीं करने तक संबंधित व्यवसायिक प्रतिष्ठान को सील कर दिया जाना चाहिए। लेकिन नपा प्रशासन इस सब से बचकर केवल उन्हें समझाइश व ताकीद कर काम चला रहा है।
ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी भी बनती है
चौराहे समेत उपनगर की चारों प्रमुख सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग के लिए बहुत हद तक ट्रैफिक पुलिस भी जवाबदेह है। स्थिति ये है कि ठीक चौराहे पर स्थाई पाइंट होने के बावजूद कभी भी वहां स्थित इन स्टोर, आउटलेट्स और शॉपिंग काम्पलेक्स के बाहर वाहन पार्क करने वालों पर चालानी कार्रवाई नहीं की जाती है। जबकि इससे दोहरा संदेश जा सकता है। पहला ये कि पार्किंग स्पेस होने के बाद भी जो लोग वहां वाहन खड़ा नहीं करने वे हतोत्साहित होंगे और स्टोर/ आउलेट की निर्धारित पार्किंग में ही वाहन खड़ा करेंगे। दूसरा ये कि जो स्टोर/ आउटलेट जान बूझकर पार्किंग का वास्तविक उपयोग नहीं कर रहे। उन्हें उसका सही उपयोग करने मजबूर होना पड़ेगा। व्यवस्था बनाने में ट्रैफिक पुलिस को भी आगे आना होगा।
बारिश के चलते कुछ व्यवधान आया, लेकिन सब दुरुस्त करेंगे
गुरुवार को मैंने नरसिंहपुर व झांसी रोड के आउटलेट, शॉपिंग कॉम्पलेक्स की पार्किंग का मुआयना किया था। कमियां व गड़बड़ी मिलने पर उन्हें सुधार के लिए ताकीद किया है। सील व पेनॉल्टी की कार्रवाई भी करेंगे। चूंकि बारिश का मौसम था, इसलिए चौराहे पर मुआयना नहीं कर पाया। लेकिन ये तय है कि चौराहे से 200 मीटर के दायरे को नो-पार्किंग जोन बना दिया जाएगा।
– पवन शर्मा, सीएमओ, मकरोनिया नगर पालिका, सागर



