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क्षत्रिय समाज जिसे बचाना चाहता है, आदिवासी उसी गोविंदसिंह मालथौन को सलाखों के पीछे देखना चाहते हैं

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सागर। शुक्रवार को जिला क्षत्रिय समाज सागर ने गोविंदसिंह मालथौन के पक्ष में कलेक्टर- एसपी को ज्ञापन दिया था। इसके 24 घंटे बाद ही मालथौन क्षेत्र से आए 300 से अधिक लोगों ने गोविंद सिंह मालथौन के खिलाफ ज्ञापन दिया। उन्होंने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को सही ठहराते हुए गोविंद सिंह की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। एक दिन पहले क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष हरीराम सिंह कैथोरा ने कहा था कि गोविंद सिंह बेगुनाह हैं। उन्हें राजनीतिक दबाव के चलते झूठा फंसाया जा रहा है। बहराल शनिवार को बगैर किसी खास नेता या जनप्रतिनिधि के आए लोगों ने सागर कलेक्टर, मुख्यमंत्री एवं पूर्व गृह मंत्री व क्षेत्रीय विधायक भूपेंद्र सिंह को कार्रवाई के लिए धन्यवाद भी दिया।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, हम लोगों की जमीन दशकों से गोविंद सिंह मालथौन के कब्जे में है। उसने हमारे ऊपर दबाव डालकर कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। जमीन वापस मांगते हैं तो दुत्कार कर भगा देता है। अभी भी क्षेत्र के दर्जनों आदिवासी दलितों की 100 एकड़ से अधिक जमीन गोविंदसिंह मालथौन के कब्जे में है। हम लोग कलेक्टर और एसपी से मांग करते हैं कि वह जमीन भी मुक्त कराई जाए। शिकायतकर्ताओं में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि मेरी जमीन मेन रोड पर है। मैंने उसमें से 10 डिस्मिल जमीन बेबी राजा को बेची थी लेकिन उसने 40 डिसमिल पर कब्ज़ा कर लिया। ये कब्जा भी गोविंदसिंह मालथौन के इशारे पर किया गया।

इन लोगों ने मांग की कि, कृषि भूमि व शासकीय भूमियों पर कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान मारपीट करने वाले गोविंद सिंह मालथौन को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही गोविंदसिंह  मालथौन व उनके परिजनों द्वारा जबरिया व अवैध रूप से कब्जा की गई  सौ एकड़ से ज्यादा कृषि भूमियों व 25 एकड़ से अधिक सार्वजनिक निस्तार की सरकारी भूमियों को मुक्त कराया जाए। इन लोगों ने अधिकारियों को बताया गया कि  आरोपी गोविंद सिंह क्षेत्र में ही रह कर पीड़ित व शिकायतकर्ताओं को धमका रहा है। जिससे भय का वातावरण बना हुआ है।

आवेदकों ने कलेक्टर व एसपी से मांग की है कि गोविंद सिंह मालथौन व उनके परिवार द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्यों की नियम विरुद्ध रूप से खरीदी व कब्जा की गई जमीनें मूल मालिकों को वापिस कराई जाएं। ज्ञापन देने वाले पीड़ितों में भज्जू आदिवासी, रामलाल अहिरवार, किप्पू आदिवासी, कल्लू आदिवासी, मुन्नी आदिवासी, रुपू आदिवासी, धनीराम आदिवासी, राकेश आदिवासी, जय सिंह आदिवासी, जुगल आदिवासी आदि शामिल थे।

05/07/2025

 

 

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