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कनेरादेव के आदिवासी बोले, हम लोगों से किसी ने दबावपूर्वक जमीन नहीं ली

जनसुनवाई में 5 लाख लाने वाले मामले में अवैध उत्खनन, कॉलोनी काटने के आरोपी ने भी दिया शिकायती ज्ञापन

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सागर। बीती जनसुनवाई में एक युवक द्वारा कनेरादेव क्षेत्र में अवैध उत्खनन और कॉलोनी बनाने की शिकायत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। गुरुवार को इस क्षेत्र के आदिवासी समेत अन्य ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंचे। जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम एक शिकायती ज्ञापन दिया। ग्रामीण संजय गौड़, भीकम गौड़, सनद गौड़, जगदीश गौड़, रूपसिंह आदिवासी आदि ने कहा कि दो दिन पहले कटरा बाजार निवासी रवि जैन ने एक शिकायत की थी। जिसमेें उन्होंने आरोप लगाया था कि स्थानीय निवासी रामकुमार घोषी ने हम आदिवासियों की जमीन बिना कोई राशि दिए डर और दबाव में डाल कर ली है। हम लोग बताना चाहते हैं कि यह बात असत्य है। सच्चाई ये है कि रवि जैन हम लोगों के पास जमीन खरीदने आए थे। लेकिन हम लोगों ने मना कर दिया। उक्त जमीन को हम लोगों ने रामकुमार घोषी को बेच दी। इसी बुराई पर से रामकुमार घोषी के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि रवि जैन व बसंत केशरवानी की सिंघई मेडिकल स्टोर के सामने दुकान है। जो बताती है कि उनकी आर्थिक स्थिति कितनी मजबूत है। रामकुमार घोषी और उनके पिता राजकुमार घोषी क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। उन्हें किसी अन्य आदमी के कहने पर बदनाम किया जा रहा है। हम लोगों के बीच जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर जो भी लेन-देन हुआ है, वह नियमानुसार है। अगर कोई तकलीफ होती भी तो हम लोग शासन-प्रशासन के समक्ष शिकायत करने में सक्षम हैं। अतएव हमारी मांग है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए। बता दें कि बीती जनसुनवाई में रवि जैन ने कलेक्टर-एसपी के सामने 5 लाख रु. रखते हुए शिकायत की थी कि, प्रशासन कनेरादेव में आदिवासियों की जमीन छीनने, अवैध उत्खनन, कॉलोनी आदि के मामले में कार्रवाई करे। अगर मेरी यह शिकायत झूठी निकले तो शासन यह राशि सरकारी मशीनरी व समय के खर्च की एवज में जब्त कर ले।  

घोषी ने कहा, मेरे ऊपर आरोप आधारहीन और झूठे

जनसुनवाई में रवि जैन ने उपरोक्त आरोपों के अलावा रामकुमार घोषी पर 20 लाख रु. हड़पने का भी आरोप लगाया था। इस संबंध में ग्रामीणों के साथ पहुंचे घोषी ने भी कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन दिया। उसने कहा कि मेरे खिलाफ रवि द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार व झूठे हैं। मेरे द्वारा किसी भी ग्रामीण या आदिवासी की जमीन दबाव डालकर नहीं ली गई है। अगर ऐसा होता तो यही आदिवासी मेरे साथ खड़े नहीं होते। रवि ने यह भी आरोप लगाया था कि मेरे द्वारा अवैध उत्खनन व पेड़ों की कटाई भी की गई है। अगर ऐसा था तो स्थानीय लोग शिकायत करते। रवि ने मेरे ऊपर बीस लाख रु. हड़पने का आरोप लगाया है। वह भी झूठा है क्योंकि उसकी आर्थिक हैसियत इतनी नहीं है कि वह यह राशि मुझे दे। इसके अलावा अनावेदक रवि द्वारा कलेक्टर के सामने 5 लाख रु. लेकर पहुंचना पूरे मामले को संदेहास्पद बनाता है। प्रशासन उलटा उससे पूछना चाहिए कि तुम्हारे पास यह राशि कहां से आई। तुम्हारी आय का स्रोत क्या है। रामकुमार का कहना है कि व्यवसायिक प्रतिद्वंदी के कहने पर रवि ने यह आवेदन दिया और मेरा व मेरे पिता का बार-बार नाम लिया। मेरी मांग है कि अनावेदक रवि जैन के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

इधर रवि जैन का कहना है कि मेरे द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर मैं आज भी अडिग हूं। मेरे पास पर्याप्त सुबूत हैं कि कनेरादेव में किस आदमी द्वारा अवैध उत्खनन और कॉलोनी बनाई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी अगर जनसुनवाई वाले दिन ही तत्काल कार्रवाई करते तो सारी सच्चाई सामने आ जाती। मैं जल्द ही इस मामले में उच्चाधिकारियों के समक्ष पुनः शिकायत करूंगा। साथ ही पत्रकारों के समक्ष पर्याप्त सुबूत पेश करूंगा। वैसे पुलिस-प्रशासन को ये भी देखना चाहिए कि जो लोग आदिवासियों को लेकर ज्ञापन देने आए थे। उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि कैसी है। जांच करेंगे तो कई लोमहर्षक कांड सामने आएंगे।

जनसुनवाई: कलेक्टर साहब…..अगर अवैध उत्खनन और कॉलोनी की शिकायत झूठी निकले तो ये 5 लाख रु. जब्त कर लेना

23/01/2024

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