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भाग्योदय की कामना लेकर लोगों ने किए पक्षी नीलकंठ के दर्शन

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सागर। शहर में अलसुबह से ही लोग हरियाली व पेड़ों से आच्छादित क्षेत्रों में पक्षी नीलकंठ के दर्शन करने पहुंचे। लोगों को परेड मंदिर के सामने और कलेक्टर बंगला के बाजू में इस शुभ पक्षी के दर्शन मिले। सनातन धर्म में दशहरे के पर्व का विशेष महत्व है पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी को देखने से भाग्योदय होता है और दरिद्रता दूर होती है। इसलिए इस दिन लोग अपने आसपास  नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने के लिए आकाश को निहारते हैं ताकि साल भर जीवन में शुभ कार्य का सिलसिला चलता रहे। नीलकंठ के दर्शनों के साथ दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है। दरअसल दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने का महत्व भगवान राम के लंका पर विजय के साथ जुड़ा हुआ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान राम लंकापति रावण का अंत करने जा रहे थे, उससे पहले रामजी को नीलकंठ पक्षी के दर्शन किए थे, इसके बाद ही रावण पर विजय प्राप्त की थी। इसलिए नीलकंठ पक्षी को शुभ और विजय का संकेत माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन होना बहुत शुभ माना गया है और लेकिन इसके दर्शन होना बहुत दुर्लभ माने गए हैं। दशहरे के दिन इस पक्षी के दर्शन करने से मात्र से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है और सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

12/10/2024

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