अपराध और अपराधी

फाइनेंस कंपनी में आत्मदाह की कोशिश :पहले बीच सड़क पर गाड़ी छीनी, फिर आपत्तिजनक शब्द बोले !

आगजनी के शिकार युवक नीलेश जैन के परिजन ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी पर लगाए आपत्तिजनक आरोप

सागर। मकरोनिया थाना क्षेत्र स्थित महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के ऑफिस में शुक्रवार को कर्जदार युवक द्वारा खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने के मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पीड़ित परिवार के रिश्तेदार धीरज भैया के मुताबिक, “बीती 2-3 जून को मेरा छोटा भाई राहुल जैन जीजाजी (नीलेश जैन) की कार मांगकर अपनी ससुराल जबेरा (दमोह) गया था। वहां से लौटते समय दमोह सीमा के पास टोल नाके पर फाइनेंस कंपनी के करीब 15 लोगों ने उसे घेर लिया और जबरन कार छीन ली। जब भाई ने जब्ती का नोटिस मांगा, तो उन्होंने बदतमीजी करते हुए कहा कि ‘घर जाओ, नोटिस पहुंचा दिया है।’ मेरे भाई को मजबूरी में बस से राहतगढ़ लौटना पड़ा।”

फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों गुंडागर्दी के आरोप 

आगे ब्रह्मचारी धीरज भैया ने बताया कि उनके जीजा राहतगढ़ में रेत का कारोबार करते हैं। उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले महिंद्रा फाइनेंस से हुंडई कंपनी की ‘वेन्यू कार’ 5 साल के लिए फाइनेंस कराई थी, जिसकी मासिक किस्त 20 हजार रुपये थी। बीते कुछ महीनों से धंधा मंदा होने के कारण वे किस्तें नहीं चुका पाए थे, जिसके बाद से ही कंपनी के रिकवरी एजेंट उन्हें लगातार धमका रहे थे।

60 हजार जमा करने के बाद भी बीच चौराहे पर किया बेइज्जत

​परिजनों का आरोप है कि इस जब्ती के बाद भी प्रताड़ना का दौर नहीं थमा। 7-8 जून को फाइनेंस कंपनी के एक कर्मचारी राठौर ने नीलेश जैन को राहतगढ़ के व्यस्त ‘भोपाल तिराहा’ पर सरेआम रोककर बेहद बेइज्जत किया। लोक-लाज और डर के मारे नीलेश ने उसी दिन तत्काल 60 हजार रुपये ऑनलाइन कंपनी के खाते में जमा कर दिए। इसके बाद वे लगातार महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से यार्ड में खड़ी अपनी गाड़ी वापस करने की मांग कर रहे थे।

अधिकारी के आपत्तिजनक शब्दों पर तैश में आया

धीरज भैया की माने तो ​शनिवार को इस पूरे विवाद ने तब वीभत्स रूप ले लिया, जब नीलेश ने गाड़ी वापसी को लेकर कंपनी के एक उच्च अधिकारी से फोन पर बात की। आरोप है कि बातचीत के दौरान अधिकारी तैश में आ गया और उसने नीलेश या उनके परिवार को लेकर कोई बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित बात कह दी। इस आत्मसम्मान पर लगी ठेस को नीलेश बर्दाश्त नहीं कर पाए और वे सीधे मकरोनिया स्थित महिंद्रा फाइनेंस के दफ्तर पहुंचे। वहां स्टाफ से तीखी कहासुनी के बाद उन्होंने खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली।

हालत बेहद नाजुक, मरणासन्न बयान हुए

इधर इस घटनाक्रम में 90 प्रतिशत से अधिक झुलसे राहतगढ़ निवासी 49 वर्षीय नीलेश जैन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल भोपाल स्थित एम्स रेफर किया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर नीलेश के ‘मरणासन्न कथन’ रिकॉर्ड कर लिए हैं। वहीं, इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम के बाद महिंद्रा फाइनेंस के कतिपय उच्चाधिकारी शनिवार को गुपचुप तरीके से सागर पहुंच चुके हैं, जो पूरे मामले और पुलिसिया कार्रवाई का फॉलोअप ले रहे हैं। बता दें कि इस आगजनी में कंपनी के स्थानीय मैनेजर अतुल तोमर भी झुलसे हैं। उनका उपचार एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।

13/06/2026

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!