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हत्या कर सीधे अंत्येष्टि कराने वाले 12 लोगों पर 302 का केस दर्ज

आरोपियों में पिता-पुत्र, भाई- भतीजे से लेकर पार्टनर -कर्मचारी शामिल

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सागर चार दिन पहले मोतीनगर थाना क्षेत्र के कनेरादेव इलाके में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अब शनिवार को पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों पर हत्या, अपहरण, फिरौती, सुबूतों को नष्ट करने आदि गंभीर आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मृतक का नाम निर्मल पटेल(32) पिता स्व. सीताराम पटेल है। जबकि आरोपियों के नाम पप्पू घोषी, मस्तराम घोषी, बसंत घोषी, संजेश घोषी, उमेश घोषी, ऋषि घोषी, गगन घोषी , संतोष पटेल, करण पटेल, विजय गौड़, सुरेंद्र गौड़ और नीतेश अहिरवार है। आरोपियों में सत्ताधारी दल के नेता और सरपंच आदि शामिल हैं                  अपहरण का इरादा जताने पर हत्या सूत्रों के अनुसार कहानी की शुरुआत चार दिन पहले की है। बताया जाता है कि निर्मल पटेल किसी लेन-देन पर से अपने संगी साथियों से मस्तराम घोषी को उठवाने (अपहृत करने) की बात कर रहा था। यह जानकारी पप्पू घोषी व अन्य को मिल गई। पप्पू ने बुधवार दोपहर को अपने कर्मचारियों के जरिए निर्मल व उसके साथियों को बुलवाया और सोमनाथ पुरम कॉलोनी के पास स्थित ऑफिस में बुरी तरह से पीटा। इससे निर्मल की हालत बहुतज्यादा बिगड़ गई। चर्चाओं के अनुसार जब निर्मल को पीटा जा रहा था तब उसका भाई भी मौजूद था। इधर मारपीट देख कर निर्मल के एक साथी की भी हालत बिगड़ गई। बाद में निर्मल को मरणासन्न स्थिति में उसके भाई को सौंप दिया गया और कहा गया कि इसे अस्पताल ले जाओ। आरोपियों ने पूरे मामले पर पकड़ बनाए रखने अपना एक कर्मचारी भी निर्मल व उसके भाई के साथ भेजा। चैतन्य अस्पताल पहुंचने पर निर्मल को मृत घोषित कर दिया गया।            दहशत में पुलिस से भी झूठ बोला निर्मल की मौत के बाद आरोपी उसके परिवारजन के पास पहुंचे और कहा कि कोई भी पूछे तो बोल देना कि शराब के नशे में सीढ़ियों से गिर गया था। इधर इस घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को भी मिल गई थी। कतिपय पुलिस कर्मी गांव पहुंचे तो कोई भी इस बारे में बताने तैयार नहीं था। परिवार जन से पूछताछ की तो बोले भाई सीढ़ियों से गिरा था। इलाज कराने गए तभी उसे हार्ट अटैक आ गया। पुलिस बैरंग लौट आई। दूसरी ओर अगले दिन आरोपियों की दहशत में परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराए बिना अंतिम संस्कार करा दिया। हालांकि मृतक के परिजन और आरोपी की यह गलतफहमी थी। पुलिस का मुखबिर तंत्र सक्रिय हो गया था और जैसे ही घटना  की पुष्टि हुई तो सबसे पहले मुख्य संदेहियों को धर लिया गया। श्मशान से पुलिस ने मृतक अस्थियां भी एकत्र करा लीं।                              बड़ा सुबूत राजघाट डेम में फेंका !पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने निर्मल व अन्य की पिटाई का वीडियो मोबाइल फोन से बनाया था। जो अब तक अप्राप्त है। चर्चा है कि एक आरोपी सुरेंद्र गौड़ ने उसे राजघाट डेम में फेंक दिया है। वहीं मारपीट वाली जगह के आसपास के सीसीटीवी फुटेज नहीं इसलिए DVR तक नष्ट कर दिया गया है।

02/03/2024

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