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विवि: कुलपति ने सफाई देने के बजाए परीक्षा केंद्र में ”घुसपैठ” को किया लीगल !

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सागर। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि की कुलपति हो या अन्य अधिकृत व्यक्ति किसी भी वक्त परीक्षा केंद्रों में धड़धड़ाते घुस सकेंगे। यह व्यवस्था विवि के डिप्टी रजिस्ट्रार और प्रभारी एग्जाम कंट्रोलर डॉ.सुरेंद्र पी.गादेवार ने 18 जून 2024 से कर दी है। उनके द्वारा जारी पत्र के अनुसार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कुलपति,एग्जाम कंट्रोलर, परीक्षा अनुशासन समिति के सदस्य, उड़नदस्ता और सक्षम अधिकारी द्वारा नियुक्त कोई भी अधिकारी समस्त परीक्षाओं के संचालन के समय केंद्र का औचक निरीक्षण कर सकता है। इसलिए सभी संबंधितों को निर्देशित किया जाता है कि परीक्षा केंद्रों के मुख्य प्रवेश द्वार बिना किसी अवरोध के अविलम्ब उपरोक्त अधिकारियों के लिए खोल दिए जाएं और उनका सहयोग किया जाए।

कुलपति जी, पेपर लीक हुआ तो आप जिम्मेदार रहेंगी


सफाई नहीं दी, नियम-निर्देश जारी कर चूक को लीगल किया
इस पत्र के जारी होने के बाद से साफ है कि कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता और उनका मार्गदर्शक मंडल, परीक्षा की मर्यादा भंग करने के आरोपों पर सफाई नहीं देना चाहता। बता दें कि एमबीए विभाग के हेड प्रो. श्री भागवत ने कुलपति व डिप्टी रजिस्ट्रार की कार्यप्रणाली पर बीते सप्ताह नाराजगी जताई थी। दरअसल 13 जून को कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता और उनकी स्पेशल टीम महर्षि कणाद भवन में चल रही परीक्षा में सीधे प्रवेश कर गए थे। उस दिन इस केंद्र के अधीक्षक प्रो. भागवत थे। इस वाकये को लेकर उनका कहना था कि कुलपति को अपनी गरिमा के अनुरूप काम करना चाहिए। परीक्षा केंद्र की अपनी एक मर्यादा होती है। उसकी गरिमा, शुचिता, सुरक्षा बनाए रखना सभी का कर्तव्य है। लेकिन यहां तो कुलपति तो ठीक उनके साथ चलने वाले लिपिकीय स्तर के कर्मचारी बेधड़क परीक्षा हॉल में घुस आए और परीक्षा की फोटोग्राफी की। प्रो. भागवत का कहना है कि कुलपति और उनका स्पेशल दस्ता जो काम कर रहे थे। उसके लिए विवि में उन्हीं के आदेश से गठित किया गया है। चूंकि वह विवि की कुलपति हैं, इसलिए वह केंद्र पर आने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन उन्हें पूर्व से सूचना देना चाहिए थी।

सेंटर सुपरिटेन्डेंट प्रो. भागवत ने यह पत्र कुलपति कार्यालय के लिए लिखा था।

कुलपति कहीं भी जाएं,अनाधिकृत कर्मचारी और फोटोग्राफी नहीं होना चाहिए
कुलपति, पूरे विवि का मुखिया के साथ कार्यकारी अधिकारी भी होते हैं। इस नजरिए से प्रो. गुप्ता का परीक्षा भवन में सीधे प्रवेश करना कहीं से गलत नहीं है। लेकिन उनके साथ चलने वाले पीए, सहायक कर्मचारी, अन्य लिपिक, फोटोग्राफर सीधे प्रवेश नहीं कर सकते। अगर इस श्रेणी के लोग साथ हैं तो परीक्षा अनुशासन समिति से उनका अप्रुवल होना चाहिए।
प्रो.एसपी व्यास, पूर्व प्रभारी कुलपति, डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विवि,सागर

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