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सागर का युवक 10 करोड़ रुपए के मारिजुआना के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

थाईलैंड से लौटते वक्त तलाशी में मिला 9.81 किग्रा मारिजुआना.... फ्री यात्रा और ऐशो-आराम के लालच में फंसने का संदेह

सागर। मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सागर निवासी एक युवक करीब  10 करोड़ रु. की मारिजुआना(हाइड्रोपोनिक गांजा) के साथ पकड़ा गया है। युवक की पहचान रवि राजपूत उम्र करीब 22 वर्ष पिता भीष्म राजपूत निवासी संत कंवरराम वार्ड, थाना मोतीनगर क्षेत्र के रूप में हुई है। सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार रवि को थाईलैंड से लौटते वक्त थाई एयरवेज के हवाई जहाज से मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंटेलीजेंस को पूर्व से ही इनपुट प्राप्त था कि इस हवाई जहाज से मारिजुआना लाया जा रहा है। चेकिंग करने पर रवि के ट्रॉली बैग से यह प्रतिबंधित मादक पदार्थ मिला। वजन कराने पर इसकी मात्रा 9.819 किग्रा निकली। मारिजुआना की गंध बाहर नहीं आए। इसलिए उसे वैक्युम सील पैकिट में पैक किया गया था।

आरोपी के पिता सागर के पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष रहे हैं

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मारिजुआना की कीमत 1 करोड़ रुपए प्रति किग्रा है। इस हिसाब से मुंबई कस्टम विभाग ने पकड़े गए माल की कीमत 9.81 करोड़ रुपए आंकी गई है। इधर आरोपी के पिता भीष्म राजपूत ने रवि की गिरफ्तारी की पुष्टिï की है। उनका कहना है कि वह तीन-चार लोगों के साथ थाईलैंड घूमने गया था। बता दें कि भीष्म राजपूत, सागर की सिंधी समाज की प्रतिष्ठित संस्था पूज्य सिंधी पंचायत के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। रवि के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। व्यवसायिक मात्र और जुर्म साबित होने पर उसे 10 से 20 वर्ष की जेल हो सकती है।

फ्री एयर टिकट और ऐशो-आराम के चक्कर में फंस जाते हैं युवा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश के कतिपय ड्रग्स सिंडिकेट, अक्सर मिडिल क्लास या साधारण दिखने वाले लोगों का इस्तेमाल मारिजुआना व अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में बतौर करियर इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बदले वह माल लाने वाले युवकों को थाईलैंड आने-जाने का मुफ्त टिकट व ऐशो-आराम के लिए कुछ रकम का लालच देते हैं।

क्या है मारिजुआना और यह गांजे से कैसे अलग है?

साधारण गांजे का का मूल स्रोत कैनबिस नाम का पौधा होता है। जिसे मिट्टी में उगाया जाता है। जबकि मारिजुआना तैयार करने के लिए कैनबिस के पौधे को को पोषक तत्वों से भरपूर पानी के घोल में एक नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इसमें टीएचसी नाम के नशीले रसायन की मात्रा, साधारण गांजे के मुकाबले कहीं अधिक होती है।चूंकि इसे लैबोरेट्री जैसे इनडोर सेटअप में तापमान, रोशनी और नमी को नियंत्रित करके उगाया जाता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और कीमत बहुत अधिक होती है। जानकारों के अनुसार मारिजुआना का इस्तेमाल बारीक पीस कर कागज का रोल बनाकर सिगरेट की तरह पी कर भी किया जाता है। इसके अलावा इसे वेपोराइज यानी भाप तैयार कर, कुकीज और कैंडी में मिलाकर और इसका तेल निकालकर वैक्स की तरह भी नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

देश के महानगरों में तेजी से बढ़ रहा है मारिजुआना का ट्रैंड

थाईलैंड में बीते समय मारिजुआना के सेवन को वैध घोषित किया गया है। राजधानी बैंकॉॅक को यहां का प्रमुख हब बन गया है। इसके बाद से ही भारत में इस नशीले पदार्थ की तस्करी के केस तेजी से बढ़े हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टस के अनुसार साल 2025-26 में ही मुंबई एयरपोर्ट पर मारिजुआना की तस्करी के 200 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं। बीते मार्च में ही स्थानीय कस्टम्स ने 4 लोगों से 64 किग्रा मारिजुआना जब्त की थी। बहरहाल आरोपी रवि राजपूत मुंबई की जेल में बंद है। जांच एजेंसियां उससे यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि वह खेप मुंबई या अन्य शहर में किसके हवाले करने वाला था।..…….9425172417

09/04/2025

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