बसों की हड़ताल खत्म: खाली हुए पुराने बस स्टैंड्स की उपयोगिता और नए की आवश्यकता सवालों के घेरे में
मंत्री राजपूत के दखल के बाद बस चलाने के लिए राजी हुए ऑपरेटर - नए बस स्टैंड से तिली तिराहा वाया तहसीली, मकरोनिया होकर चलेंगी बसें

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सागर। सप्ताह भर से चल रही बस ऑपरेटर्स की हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंदसिंह राजपूत की अगुवाई में जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन पदाधिकारी एक बार फिर बैठे। जिसमें इस बात पर सहमति बनी कि बसों का संचालन दोनों नए प्राइवेट बस स्टैंड्स से होगा। लेकिन आवाजाही के रूट में बदलाव कर दिया जाएगा।
न्यु आरटीओ वाले स्टैंड से नरसिंहपुर, दमोह, छतरपुर-टीकमगढ़ अप-डाउन करने वाली बसें राजघाट तिराहा-तिली तिराहा-तहसीली-सिविल लाइंस होकर मकरोनिया से आवाजाही करेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए तहसीली क्षेत्र और सिविल लाइंस में चुंगी नाके के पास अलग-अलग रूट की बसों के स्टापेज बनाए जाएंगे ताकि एक ही जगह पर भीड़ जमा नहीं हो। बता दें कि एक दिन पहले मंगलवार को मंत्री राजपूत, कलेक्टर और बस ऑपरेटर्स भी इस मसले पर सर्किट हाउस में बैठे थे लेकिन तब समस्या का हल नहीं निकला था।
कल तक खतरनाक रूट था, बस स्टैंड्स की उपयोगिता पर सवाल मंत्री राजपूत की अगुवाई में हुई बैठक की मुख्य उपलब्धि यही रही कि हड़ताल खत्म हो गई। लोगों को कहीं से भी सही लेकिन बस से सफर करने की सुविधा मिलना तो शुरु हो जाएगी। इसके बावजूद बस स्टैंड्स से जुड़े तीन बड़े सवाल अभी भी बाकी हैं। जिनमें पहला ये है कि कल तक राजघाट तिराहा-सिविल लाइंस-मकरोनिया रूट को प्रशासन और स्वयं मंत्री राजपूत, बसों की आवाजाही के लिए खतरनाक बता रहे थे। चंद घंटे बाद उसी रूट पर बस दौड़ाने की अनुमति कैसे दे दी। दूसरा बड़ा सवाल ये है कि जब जगह-जगह स्टापेज दे रहे हैं तो फिर 20-25 करोड़ रुपए की लागत से बने बस स्टैंड की उपयोगिता क्या होगी। तीसरा बड़ा और अहम सवाल कि प्राइवेट व राज्य परिवहन बस स्टैंड के भावी उपयोग के बारे में शासन-प्रशासन पत्ते खोलने क्यों तैयार नहीं हो रहा। जब बात करो तो साधारण सा जवाब दे दिया जाता है कि इस बारे में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। जो भी होगा जनहित में होगा। दूसरी ओर इस सात दिवसीय घटनाक्रम में प्रशासन और ऑपरेटर्स एक-दूसरे पर जोर नहीं चला पाए। ऑपरेटर्स को नए बस स्टैंड जाना पड़ा तो प्रशासन को उन्हें विवादित रूट से आवाजाही के लिए अनुमति देना पड़ी। आम यात्री जरूर परेशान होते रहे।
गलतफहमी में हड़ताल पर गए स्पीड 20 से अधिक नहीं होगी ऑपरेटर्स और प्रशासन के बीच सुलह कराने के बाद मंत्री राजपूत ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने ऑपरेटर्स की ओर मुखातिब होकर कहा कि हमें ऐसा कोई कार्य नहीं करना। जिससे आम जनता परेशान हो, जनता के हित के लिए यह अत्याधुनिक, सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड बनाए गए हैं ताकि शहर का ट्रैफिक कम हो। दुर्घटनाओं की संभावना कम रहे। इससे पहले उन्होंने कहा कि कुछ भ्रांतियां और गलत फेहमियों के कारण बस ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए थे। अब वह वापस बसें चलवाएंगे। ऑपरेटर साथियों को ताकीद किया गया है कि वह तिली तिराहा- सिविल लाइंस तक बसाहट वाले रूट में 20 किमी प्रति घंटा से अधिक की स्पीड में बसें नहीं निकालेंगे।
19/06/2024



